धीरेंद्र मिश्र
गाजियाबाद। दल बदल का यह अनूठा किस्सा 2014 के चुनाव में खासा चर्चित रहा था। गौतमबुद्धनगर से कांग्रेस के उम्मीदवार रमेश चंद तोमर मतदान से तीन दिन पहले भाजपा के पाले में चले गए थे। ऐसे में कांग्रेस के पास न तो उम्मीदवार बदलने का विकल्प बचा था और न ही किसी अन्य को अपना समर्थन देने का।
मतदान से ठीक पहले नरेंद्र मोदी की इंदिरापुरम में रैली थी। इसमें आसपास के जिलों के नेता भी आए। लोग यह देखकर चौंके की रैली के मंच पर रमेश चंद तोमर भी आए हैं। वह आते ही मोदी से गले मिले। उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने का एलान कर दिया। इसका पता चलते ही कांग्रेसी भौंचक्के रह गए और भड़क गए। कई जगह तोमर के खिलाफ प्रदर्शन भी हुए।
उनके दल-बदल का नतीजा यह हुआ कि भाजपा उम्मीदवार डाॅ. महेश शर्मा की आसान जीत हो गई। उन्हें 5,99,702 वोट मिले। 3,19,490 वोट लेकर सपा के नरेंद्र भाटी दूसरे स्थान पर रहे। भाजपा में जाने के बाद कांग्रेस के टिकट पर रमेश चंद तोमर को 12,727 वोट मिले और चौथे स्थान पर रहे। वह 2009 में भी गौतमबुद्धनगर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे। तब भी चौथे स्थान पर रहे थे। उन्हें 1,16,230 वोट मिले थे। जीत बसपा के सुरेंद्र सिंह नागर की हुई थी। भाजपा के महेश शर्मा दूसरे स्थान पर रहे थे।
टिकट कटने पर छोड़ी थी भाजपा
रमेश चंद तोमर 1991 से 1999 तक गाजियाबाद सीट से भाजपा के टिकट पर लगातार चार बार सांसद रहे। 2004 में उन्हें कांग्रेस के सुरेंद्र प्रकाश गोयल ने हरा दिया। 2009 में उनका टिकट कट गया। भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष राजनाथ सिंह उम्मीदवार बने। टिकट न मिलने पर रमेश चंद तोमर कांग्रेस में चले गए और उन्हें गौतमबुद्धनगर से टिकट मिला। भाजपा में वापसी के बाद वह 2017 में धौलाना विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े लेकिन हार का मुंह देखना पड़ा।