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सीएम के आने से पहले संतोष अस्पताल की अस्थायी स्टाफ नर्सों का हंगामा

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हंगामा कर रही संतोष मेडिकल अस्पताल की स्टाफ नर्सेज को समझाते एसपी सिटी और एडीएम सिटी - फोटो : AMAR UJALA
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माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। संतोष मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना के मद्देनजर जिला प्रशासन की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ से कुछ मिनट पहले हंगामा खड़ा हो गया। संतोष अस्पताल की 70 अस्थायी स्टाफ नर्सेज ने प्रबंधन पर नौकरी से इस्तीफा देने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। अस्थायी स्टाफ नर्सेज ने अस्पताल की स्थायी स्टाफ नर्सेज के छुट्टी पर जाने, 12 हजार में 12-12 घंटे ड्यूटी करने और दो साल काम करने के बावजूद उन्हें स्थायी नहीं करने की बात कही। मुख्यमंत्री के काफिले से एक दम पहले हुए हंगामे ने प्रशासनिक अधिकारियों के माथे पर पसीना ला दिया। आनन फानन में एडीएम सिटी और एसपी सिटी ने मुख्यमंत्री से मिलने पर अड़ी अस्थायी स्टाफ नर्सेज को समझाकर शांत कराया। सभी नर्सेज को अस्पताल की ही एंबुलेंस में बिठाकर रवाना कर दिया। अस्पताल प्रबंधन के रवैये से परेशान अस्थायी स्टाफ नर्सेज ने कहा कि कोरोना वायरस के फैलने और मरीजों के भर्ती होने के बाद अधिकांश स्थायी स्टाफ नर्सेज या तो छुट्टी पर चल रही हैं, या फिर वह ड्यूटी से गायब रहती हैं। जबकि सभी 70 अस्थायी स्टाफ नर्सेज कोविड-19 की महामारी के बावजूद नियमित रूप से अपनी जान को जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य को अंजाम दे रही हैं। बीते दो साल से वह अस्पताल में कार्यरत हैं। लेकिन उन्हें केवल 12 हजार रुपये वेतन दिया जा रहा है। जबकि स्थायी स्टाफ नर्सेज को 40 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। उनका कोई रिकॉर्ड नहीं रहे, इसलिए वेतन का उन्हें नगद भुगतान किया जाता है। बीते कुछ दिनों से अस्पताल प्रबंधन उन पर नौकरी से इस्तीफा देने का दबाव बना रहा है। बीते सोमवार को भी उनकी बैठक प्रबंधन के साथ हुई। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इस्तीफा नहीं देने पर उनका लाइसेंस निरस्त करने की धमकी तक दी। ऐसे में पहले से जान जोखिम में डालकर काम रही सभी 70 स्टाफ नर्सेज ने अपनी परेशानी को मुख्यमंत्री के सामने रखने की बात कही। लेकिन उन्हें अपनी बात रखने तक का मौका नहीं दिया जा रहा है। --- कोट.. अस्थायी नर्सेज ने काम करने से किया इंकार कोरोना के बावजूद काम करने से इंकार करने पर अस्थायी स्टाफ नर्सेज को ड्यूटी से हटाया गया है। मुख्यमंत्री के दौरे के कारण मामले को बेवजह तूल देने के उद्देश्य से उन्होंने ने कदम उठाया। नर्सेज को पहले से ही ड्यूटी पर नहीं बुलाया जा रहा है। - डा. अलका अग्रवाल, मेडिकल सुप्रीटेंडेंट, संतोष मेडिकल कॉलेज अस्पताल
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