गाजियाबाद। लोकसभा चुनाव के इस बार प्रचार का रंग गाजियाबाद में नजर नहीं आ रहा। मतदान में अब ज्यादा दिन बाकी नहीं है लेकिन गाजियाबाद में राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं की जनसभाएं शुरू नहीं हुई है। इस चुनाव में सबसे बड़ा कार्यक्रम भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री का रोड शो रहा है, जबकि कांग्रेस-सपा गठबंधन की ओर से एक भी बड़ा कार्यक्रम नहीं हो सका है। 24 अप्रैल को गाजियाबाद में चुनाव प्रचार थम जाएगा, यानी चार के लिए अब प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के पास 14 दिन का वक्त है। प्रत्याशियों को नामांकन दाखिल किए हुए भी करीब एक सप्ताह बीत चुका है लेकिन अभी तक राजनीतिक रंग नहीं दिख रहा। न तो प्रत्याशियों के चुनावी होर्डिंग्स नजर आ रहे हैं और न ही झंडे-बैनर। प्रत्याशी अपने स्तर पर तो नुक्कड़ सभाएं कर रहे हैं, लेकिन राजनीतिक रंग जमाने के लिए जनसभाओं का सिलसिला अभी शुरू नहीं हुआ है। गठबंधन प्रत्याशी की ओर से तो अभी स्टार प्रचारकों का कार्यक्रम लेने के लिए अभी डिमांड भी नहीं भेजी गई है।
दलों की अब तक की गतिविधियां
भाजपा
तुलनात्मक रूप से चुनाव प्रचार में भाजपा अभी तक अन्य दलों से आगे रही है। भाजपा की ओर से 27 मार्च को प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को संबोधित करने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाजियाबाद पहुंचे थे। तीन अप्रैल को प्रत्याशी अतुल गर्ग के नामांकन के दिन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने घंटाघर रामलीला मैदान में जनसभा की थी। छह अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड शो किया।
बसपा
बसपा की ओर से राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने अर्थला में नुक्कड़ जनसभा को संबोधित किया था। हालांकि यह जनसभा सिर्फ एक छोटे से क्षेत्र के लिए की गई। उनके अलावा बसपा के किसी स्टार प्रचारक की जनसभा गाजियाबाद में अभी तक नहीं हुई है। पार्टी पदाधिकारी दूसरे चरण के प्रचार के अंतिम सप्ताह में बसपा प्रमुख मायावती के गाजियाबाद आने और जनसभा को संबोधित करने का दावा कर रहे हैं।
कांग्रेस
कांग्रेस-सपा गठबंधन की इस लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रवक्ता डॉली शर्मा ने एक अप्रैल को ही नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था। 10 दिन बीत जाने के बावजूद गठबंधन की ओर से किसी बड़े नेता की जनसभा यहां नहीं हुई है। चुनाव कार्यालय के शुभारंभ के दिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय गाजियाबाद पहुंचे थे, लेकिन कोई जनसभा नहीं की। कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष विजय चौधरी का कहना है कि राहुल गांधी,प्रियंका गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के कार्यक्रम की मांग की जाएगी। जल्द ही इस पर निर्णय हो जाएगा।