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Ghaziabad News: अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देते पकड़े कोचिंग टीचर और एसएससी छात्र

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परीक्षा में पकड़े गए सॉल्वर। 
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साहिबाबाद। यूपी पुलिस रेडियो संवर्ग की परीक्षा में पुलिस ने लिंक रोड और साहिबाबाद में अभ्यर्थियों की जगह आए एक-एक साॅल्वर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक कोचिंग सेंटर का टीचर है जबकि दूसरा कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) परीक्षा की तैयारी कर रहा है। दोनों ने अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र के फोटो में छेड़छाड़ कर रखी थी। पुलिस को अब दोनों अभ्यर्थियों की तलाश है।
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पुलिस ने बताया कि साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में वास इंडिया कम्यूनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड परीक्षा केंद्र पर शुक्रवार को ऑनलाइन परीक्षा चल रही थी। प्रथम पाली की परीक्षा के लिए अभ्यर्थी मेन गेट पर चेकिंग कराने के बाद अपने अपने सिस्टम पर बैठ गया था। राजीव कुमार नाम के अभ्यर्थी को लैब नंबर-2 में कंप्यूटर सिस्टम-113 आवंटित हुआ था।
परीक्षा निरीक्षक ने राजीव का प्रवेश पत्र जांचा तो उसमें फोटो उसकी नहीं थी। शक होने पर बायोमैट्रिक मशीन से जांच की। उसमें पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। फिरोजाबाद के मोहम्मदपुर गांव में रहने वाला अवधेश यादव अभ्यर्थी राजीव कुमार की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। टीम ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया।
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परीक्षा देने एक साथ पहुंचे थे दोनों

पूछताछ में उसने बताया कि वह राजीव का दोस्त है और बीए पास करके राजीव के साथ मुखर्जीनगर दिल्ली में एसएससी की तैयारी कर रहा है। वह यूपी पुलिस में आरक्षी पद का फार्म भी भर चुका है। शुक्रवार को परीक्षा केंद्र पर दोनों एक साथ पहुंचे थे लेकिन राजीव ने तैयारी नहीं होने पर अवधेश को अपनी जगह परीक्षा देने अंदर भेज दिया था। अवधेश को पुलिस हिरासत में देखकर राजीव उसका फोन लेकर भाग गया। पुलिस जांच में आया कि राजीव ने फोन बंद कर दिया है। केंद्र परीक्षक प्रशांत त्यागी ने लिंक रोड थाने में अवधेश यादव और अभ्यर्थी राजीव कुमार पर मुकदमा कराया है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।



रिकाॅर्ड का मिलान नहीं होने पर पकड़ा
इसी तरह जीटी रोड पर रामा कृष्णा विहार स्थित एस्पायरिंग विंग्स इंफोटेक परीक्षा केंद्र से टीम ने विवेक पुरी पुत्र कल्याण पुरी निवासी नंगला बीजू, जैथरा एटा को गिरफ्तार किया है। वह अभ्यर्थी कमल सिंह पुत्र नवल सिंह निवासी खरौट, मथुरा के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। कमल को लैब नंबर-6 में सिस्टम- 165 आवंटित हुआ था। परीक्षा शुरू होने से पहले बायोमैट्रिक जांच में विवेक का जब अभ्यर्थी कमल से रिकॉर्ड का मिलान नहीं हुआ तो टीम को शक हो गया।
तुरंत उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि वह एटा में कमल को दो साल से कोचिंग देता था। विवेक एमए की पढ़ाई कर चुका है। केंद्र परीक्षक रामरत्न सिंह ने साहिबाबाद कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।


दोनों सॉल्वर और फरार अभ्यर्थियों के खिलाफ धोखाधड़ी, दस्तावेजों की कूटरचना और उप्र सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धारा 3 और 9 के तहत मुकदमा कराया है। टीम फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजा गया है। - निमिष पाटिल, डीसीपी
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परीक्षा में पकड़े गए सॉल्वर। 

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