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बच्चे करते रहे बर्थडे पर इंतजार, संकम्रण के डर से घर नहीं आए

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- एसएचओ का रविवार को था जन्मदिन, यूपी बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे हैं थानेदार - बच्चों ने पिता के लिए घर में ही तैयार किए उपहार रश्मि ओझा गाजियाबाद। वर्दी का फर्ज और बच्चों में कोरोना संक्रमण का डर है जिसकी वजह से थानेदार रोते हुए बच्चों की भी परवाह नहींं की। कौशांबी थाने में तैनात एसएचओ लगातार पिछले दो सप्ताह से यूपी बॉर्डर पर तैनात होकर दिल्ली से पलायन करने वाले लोगों के बीच ड्यूटी कर रहे हैं। रविवार को थानेदार साहब का जन्मदिन था, लेकिन उन्होंने एक जागरूक इंसान की भूमिका निभाई और जन्मदिन मनाने के लिए अपने बच्चों के बीच नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि वह लगातार भीड़ के बीच ड्यूटी कर रहे हैं। ऐसे में अगर वह घर जाएंगे तो घर में उनके द्वारा किसी तरह का संक्रमण पहुंच सकता है। वहीं, घर में पिता का बर्थडे मनाने को लेकर इंतजार कर रहे बच्चों ने अपने पिता के लिए बर्थडे कार्ड और पिता के लिए उपहार तैयार कर बैठे रहे। माता-पिता दोनों की पुलिस में तैनाती होने से बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं। महिला थाने के परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी सुनीता राणा ने बताया कि उनके पति अजय सिंह भी उनकी तरह ही यूपी पुलिस में कार्यरत हैं। इन दिनों वह कौशांबी थाने के प्रभारी भी हैं। उन्होंने बताया कि अजय के ही थानाक्षेत्र में यूपी बॉर्डर पर स्थित यूपी गेट चौकी आती हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली-यूपी बॉर्डर होने के नाते यह थाना गाजियाबाद के संवदेनशील थानों में आता हैं, लेकिन इसके बावजूद अजय पिछले दो सप्ताह से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण ना फैले। इसके लिए सरकार ने लॉकडाउन की व्यवस्था की है, जिसके बाद से दिल्ली में रहने वाले यूपी और बिहार के लोग लगातार पलायन कर रहे हैं। इन लोगों की देखरेख में अजय पिछले एक सप्ताह से यूपी गेट पर ही खड़े होकर ड्यूटी दे रहे हैं। सुनीता राणा ने बताया कि एक पुलिसकर्मी होने के नाते वह इस जिम्मेदारी को बखूबी समझ सकती हैं, लेकिन पिता के घर नहीं पहुंचने से उनके दोनों बच्चे (एंजल और रूद्रांश) परेशान हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को उनके पति अजय का जन्मदिन था। ऐसे में बच्चों ने उन्हें घर आने की जिद की तो पिता ने उन्हें आने से मना कर दिया और कहा कि वह पुलिस की ड्यूटी कर रहे हैं, जिससे जरूरतमंद लोगों को परेशानी ना हो। हालांकि बाद में अजय ने खुद बच्चों को वीडियाे कॉल कर बात की और समझाया, जिसके बाद वह समझ गए। बच्चों ने पिता को बताया कि उन्होंने उनके लिए बर्थडे कार्ड व अन्य उपहार घर में ही तैयार किए हैं। ----- अपने पास बुलाने से भी पिता ने कर दिया इंकार बच्चों ने पिता के संग जन्मदिन मनाने और केक काटने की जिद करते हुए कहा कि वह यूपी गेट पर आकर ही जन्मदिन मनाएंगे। इस पर उनके पिता ने मना कर दिया कि यूपी गेट पर लोगों की भीड़ हैं और भीड़ के बीच वह ना आएं। सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा की हुई, जिसका वह लोग घर में रहकर ही पालन करें। उन्होंने बताया कि पिता से मिलने को लेकर बेटी एंजल कई बार रो चुकी हैं, जिसके समझाकर चुप कराया गया है। ---- 13 मार्च को बेटी का जन्मदिन मनाने भी नहीं पहुंचे थे अजय सुनीता राणा ने बताया कि वह भी लगातार पुलिस की अलग-अलग लोकेशन पर ड्यूटी कर रही हैं, लेकिन रात को वह बच्चों के बीच पहुंच जाती हैं। इससे बच्चों को काफी खुशी होती है। उन्होंने बताया कि 13 मार्च को उनकी बेटी एंजल का जन्मदिन था, लेकिन उस दिन भी अजय घर नहीं आए थे। उन्हें पुलिस की ड्यूटी में तैनात किया गया था। इससे बच्चे परेशान तो हुए, लेकिन बाद में समझाने पर समझ गए कि उनके पिता देश के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
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