गाजियाबाद। लगतार जहरीली होती जा रही हवा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को सलाह दी गई है कि बच्चे, बुजुर्ग, दिल और अस्थमा के मरीज व गर्भवती महिलाएं घर के अंदर ही रहें। सुबह और शाम की सैर पर जाना भी फिलहाल टाल दें। घर के अंदर हल्का व्यायाम कर सकते हैं। अगर किसी को बाहर जाना जरूरी है तो वह मास्क अवश्य लगाए।
जिला संक्रामक रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने एडवाइजरी में बताया कि वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर है। यह सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं बल्कि सभी अंगों को प्रभावित कर रहा है। सांस के साथ फेफड़ों में पहुंचने वाले हानिकारक तत्व खून में मिलकर दिल, गुर्दे, लिवर और आंत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सांस फूलने, देर तक खांसी होने, दिल की धड़कन या रक्तचाप बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इन दिनों सांस लेने में परेशानी, रक्तचाप बढ़ना, त्वचा संबंधी बीमारियां, सूखी खांसी, नाक और आंखों में जलन, तनाव, चिड़चिड़ेपन की समस्या हो रही है।
ये भी ध्यान रखें
सुबह और शाम को घर के दरवाजे, खिड़की खोलने से बचें
घर और आशपास धुआं करने वाली सामग्री जलाने से बचें
घर में खाना पकाने के दौरान हवा निकासी का ध्यान रखें।
सिगरेट और तंबाकू के उत्पादों का सेवन करने से परहेज करें।
फिर से अस्पताल पहुंचे अवसाद के मरीज
हवा के जहर ने अवसाद के मरीजों की परेशानी फिर से बढ़ा दी है। सोमवार को जिला अस्पताल के मानसिक प्रकोष्ठ विभाग में 130 मरीज इलाज के लिए आए थे। इनमें से 109 ऐसे थे, जो इलाज के बाद सामान्य हो चुके थे लेकिन प्रदूषण बढ़ने के बाद फिर से उदासी बढ़ गई है। जिला एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. मनोज चतुर्वेदी के अनुसार अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या में 30 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है। अवसाद के मरीज भी बढ़ रहे हैं।
सरकारी अस्पतालों में लगेंगे वायु शोधक
एमएमजी, महिला अस्पताल, लोनी कंबाइंड अस्पताल के साथ सभी सीएचसी पर भी वायु शोधक (एयर प्यूरीफायर) लगवाए जाएंगे। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि निजी कंपनियों के सीएसआर फंड से एयर प्यूरीफायर लगवाया जाएगा। प्रशासन से भी सहयोग लिया जाएगा। संयुक्त अस्पताल में पहले से लगा है। उसे ठीक कराया जा रहा है।
नेबुलाइजर की संख्या बढ़ाई
सांस के मरीजों की संख्या देखते हुए अस्पतालों में नेबुलाइजर बढ़ाए जा रहे हैं। जिला संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. विनोद चंद्र पांडे ने बताया कि अस्पताल में पांच नेबुलाइजर बढ़ा दिए गए हैं। एमएमजी अस्पताल में सात पहले से हैं, प्रदूषण को देखते हुए 10 नेबुलाइजर बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
कोट
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर भी नेबुलाइजर उपलब्ध कराने के लिए सीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए सभी ऑक्सीजन प्लांट को जांच कराने के लिए कहा गया है।