मोदीनगर। चर्चित अंकित खोखर हत्याकांड में पुलिस ने जार्चशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। जार्चशीट बिना डीएनए रिपोर्ट और बगैर शव बरामद किए दाखिल की गई है। 112 पन्नों की चार्जशीट में 19 लोगों को गवाह बनाया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को सजा दिलाने के लिए उसके पास पर्याप्त साक्ष्य है।
बागपत के थाना छपरौली के गांव मुकुंदपुर निवासी पीएचडी के छात्र अंकित खोखर नगर की देवेंद्रपुरी कॉलोनी निवासी उमेश शर्मा के राधे एंक्लेव कॉलोनी स्थित दूसरे मकान में किराए पर रह रहे थे। अविवाहित अंकित माता पिता की इकलौती संतान थी। माता पिता की मौत के बाद परिवार में अन्य कोई सदस्य नहीं था। बीते वर्ष 6 अक्तूबर को अंकित अचानक लापता हो गया था। इसके बाद अंकित के दोस्तों ने 12 दिसंबर को मोदीनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए 14 दिसंबर को इस मामले में उमेश शर्मा और उसके रिश्तेदार प्रवेश शर्मा निवासी चिपयाना गौतमबुधनगर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया था कि अंकित खोखर ने करीब एक करोड़ रुपये की अपनी पुश्ती जमीन बेची थी। उमेश शर्मा ने रकम हड़पने के नियत से अंकित की हत्या की थी। उमेश ने आरी से शव के चार टुकड़े किए थे और इन टुकड़ों को कार में रखकर अलग-अलग स्थानों पर फेंक आया था। काफी प्रयास के बाद भी पुलिस शव बरामद करने में अफसल रही थी। पुलिस ने अंकित की मौसी और चाचा के डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजे थे,जिनकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। एसीपी ने बताया कि अंकित खोखर हत्याकांड की गहनता से जांच की गई है। अंकित का शव बरामद नहीं हो पाया है। डीएनए जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। पुलिस ने हत्याकांड में अहम साक्ष्य एकत्रित किए हैं, जो आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने में महत्वपूर्ण होंगे। डीएनए जांच रिपोर्ट मिलने पर सप्लीमेंटरी दाखिल की जाएगी।