साहिबाबाद। लाजपत नगर जी-ब्लॉक में शुक्रवार रात फ्लैट के अंदर फर्श पर मृत मिली गीता (39) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस ने घटना का पता करने के लिए बिसरा प्रिजर्व कर लिया है। वहीं, पुलिस कुछ सवालों का पता करने के लिए घटनास्थल पर जांच और वैज्ञानिक व परिजनों से पूछताछ कर रही है। मामले में शनिवार को परिजनों की तरफ से पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है। पुलिस ने शव परिवार को सौंप दिया है।
डीसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि गीता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण का पता नहीं चला है। डॉक्टरों ने मौत का समय शव मिलने से 12-15 घंटे पहले बताया है। महिला के फेफड़ों में इंफेक्शन और आंख के नीचे खरोंच का निशान मिला है लेकिन यह मौत का कारण नहीं हो सकता। ऐसे में पुलिस ने बिसरा प्रिजर्व कर लिया है। लैब से बिसरा की रिपोर्ट आने पर मौत के सही कारण का पता लगेगा। उनके मुताबिक, पुलिस मामले में अभी कई सवालों का जवाब जानने में लगी है। सबसे महत्वपूर्ण है कि जब फ्लैट में सिर्फ वैज्ञानिक किशोर अपनी बहन गीता के साथ थे तो राजेंद्रनगर में रहने वाली दूसरी बहन दीपा को पिटाई की बात कैसे पता लगी। इसके अलावा क्या पूर्व में भी भाई-बहन या परिवार के बीच कोई विवाद था।
यह हुआ था घटनाक्रम :
लाजपतनगर में डॉ. किशोर कुमार नैय्यर साउथ अफ्रीका में वैज्ञानिक थे। वर्ष 2018 में वह नौकरी छोड़कर गाजियाबाद आ गए थे। यहां फ्लैट में वह अविवाहित बहन गीता के साथ रहते थे जबकि मां इंद्रा केरल में रहती हैं। दो भाई और हैं जो अलग-अलग स्थान पर रहते हैं। शुक्रवार रात करीब दस बजे पुलिस को फ्लैट में गीता के मृत पड़े होने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो शव फर्श पर पड़ा था जबकि बेड पर वैज्ञानिक किशोर बैठे थे। पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट या हथियार नहीं मिला है।