गाजियाबाद। राजनगर निवासी विक्रांत चौधरी ने अपने चाचा और उनके परिवार पर फर्जी वसीयत बनाकर पिता की संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। आरोप है कि चाचा राकेश ने जीडीए लिपिक प्रदीप कुमार गुप्ता और सोनवीर की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा किया है। वह उन्हें और उनकी बहनों की हत्या कर संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं। मामले में विक्रांत ने जीडीए के बाबू प्रदीप कुमार गुप्ता, सोनवीर, राकेश, सुनीता, कविश, रक्षित, मुदित थापर, मयंक व एक अन्य के खिलाफ कविनगर थाने में केस दर्ज कराया है।
विक्रांत चौधरी का कहना है कि वह अपनी दो बहनों के साथ रहते हैं। उनकी मां का 2008 और पिता का कोरोना से 2020 में निधन हो गया था। आरोप है कि माता-पिता के निधन के बाद उनके चाचा राकेश उन्हें व उनकी बहन पल्लवी व दिव्या को जान से मारने की फिराक में है और संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं। उनका कहना है कि जब वह जीडीए में पिता की संपत्ति अपने नाम कराने गए तो रसीद कटवाने के बाद उनके पास जीडीए के बाबू प्रदीप कुमार गुप्ता की कॉल आई। उन्होंने कहा कि यह संपत्ति तो उनके चाचा के नाम होगी। क्योंकि उनके चाचा राकेश के नाम पिता ने वसीयत की है।
आरोप है कि जब वह बाबू से मिलने गए तो उसने वसीयत नहीं दिखाई। बड़े अधिकारियों से कहने पर बाबू ने जो वसीयत दिखाई वो फर्जी बताई। आरोप है कि उनके रिश्ते का एक चाचा सोनवीर भी जीडीए में बाबू है। आरोप है कि सोनवीर ने संपत्ति को राकेश के नाम कराने की धमकी दी। एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।