मोदीनगर। भोजपुर के कस्बा फरीदनगर में चकबंदी के दौरान सड़क किनारे भूमि देने के बदले एक किसान से 20 लाख रुपये रिश्वत मांगने और दूसरे किसान से 50 हजार रुपये लेने का मामला सामने आया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर दो लेखपालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। कस्बा फरीदनगर में चल रही चकबंदी शुरू से ही सवालों के घेरे में है। किसान चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ कई बार आंदोलन कर चुके हैं।
फरीदनगर में लगभग तीन वर्ष पूर्व चकबंदी शुरू हुई थी। कस्बा निवासी किसान भोपाल सैनी और सुमरपाल सैनी की ओर से दर्ज कराई की रिपोर्ट के अनुसार लेखपाल धर्मेंद्र सिंह और रोहताश ने दोनों को सड़क के समीप भूमि देने की बात कही। लेखपाल धर्मेंद्र ने भोपाल से एक लाख रुपये और लेखपाल रोहताश ने सुमरपाल से बीस लाख रुपये की रिश्वत मांगी। भोपाल ने धर्मेंद्र को 50 हजार रुपये दे दिए और बकाया रकम काम होने के बाद देने की बात कही।
सुमरपाल ने कोई रकम नहीं दी। मांग पूरी नहीं होने पर दोनों लेखपालों ने उन्हे सबसे निम्न स्तर की भूमि दी। किसानों ने मामले की शिकायत भोजपुर पुलिस और एसडीएम से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद किसानों ने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट ने पुलिस को दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया।
बयान
कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - ज्ञानप्रकाश राय, एसीपी मोदीनगर