संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम/गाजियाबाद। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर मंगलवार रात करीब साढ़े 12 बजे हुए दर्दनाक हादसे में गाजियाबाद के भोपुरा के एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई और छह गंभीर रूप से घायल हो गए। ये लोग सेंट्रो कार से राजस्थान से भिवाड़ी स्थित काली खोली मंदिर जा रहे थे। रास्ते में टायर पंक्चर हो गया। टायर बदले जाने के दौरान सभी सड़क किनारे खड़े हो गए। तभी तेज रफ्तार से कैंटर (टाटा-407) आया, जो बेकाबू हो गया था। उसने सभी को अपनी चपेट में ले लिया। छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कैंटर चालक भाग निकला। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
भोपुरा निवासी उमेश पाल ने पुलिस को बताया कि वह मंगलवार शाम को मां पुष्पा, दो बहनों सताक्षी और रेणु, जीजा जोनी पाल और उनके बच्चों चारू, आरोही, यशिका, परी, विदांश व प्रिशा के साथ मंदिर जा रहा था। कार को उनके जीजा जानी पाल चला रहे थे। हादसे में सताक्षी (30), परी (2), विदांश (3) और प्रिशा (2) की मौत हो गई।
वे लोग झाड़सा फ्लाईओवर के पास पहुंचे तो कार का पिछला टायर पंक्चर हो गया। इस पर जानी पाल ने कार को साइड में लगाया और टायर बदलने लगे। उमेश ने बताया कि इस दौरान उसकी मां पुष्पा, बहन सताक्षी व रेणु के साथ ही उनके बच्चे चारू, आरोही, यशिका, परी, विदांश व प्रिशा डिवाइडर की तरफ खड़े हो गए। इसी बीच अचानक तेज रफ्तार से आए टाटा-407 ने पहले उनकी कार को जोरदार टक्कर मारी। इसके बाद डिवाइडर के पास खड़ी महिलाओं और बच्चों को रौंद दिया।
कैंटर के साथ घिसटते चले गए
उमेश का कहना है कि टाटा-407 की रफ्तार इतनी तेज थी कि परिवार के सदस्य उसकी चपेट में आकर काफी दूर तक घिसटते चले गए। उसका चालक पूरी तरह से नियंत्रण खो बैठा था। टक्कर लग जाने के बाद भी वह टाटा-407 को रोक नहीं पाया। हादसे के बाद सभी को मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डॉक्टर ने सताक्षी, परी, विदांश व प्रिशा को मृत घोषित कर दिया, जबकि उमेश की बहन रेणु और मां पुष्पा समेत सभी घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। जांच अधिकारी ने बताया कि हादसे के बाद टाटा-407 का चालक मौके से फरार हो गया। उसकी गाड़ी को कब्जे में ले लिया गया है। गाड़ी के रजिस्ट्रेशन से आरोपी चालक की पहचान हो गई है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मातम में बदली परिवार की शादी की खुशियां
माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। भोपुरा में लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त रमेशपाल के घर में मंगलवार रात शादी की खुशियां मातम में बदल गई। मंगलवार की रात गुरुग्राम से हादसे की खबर आते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहां मौजूद बोबी कसाना ने बताया कि 25 जून को रमेश पाल के बेटे उमेश की शादी हुई थी। बहनें और उनके बच्चे व रिश्तेदार शादी में ही आए हुए थे। नववाहिता को उनके मायके भेजने के बाद सभी लोग मंगलवार शाम सेंट्रो कार से गुरुग्राम में काली खोली दर्शन करने गए थे। रात एक बजे उमेश ने पिता रमेश पाल को घटना की सूचना दी तो सभी सन्न रह गए। रमेश पाल बेटे दिनेश और अन्य लोगों के साथ गुरुग्राम के लिए निकल गए। जोनीपाल विजयनगर के बिहारीपुरा में रहते हैं।