गाजियाबाद। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर की हाइटेक तरीके से निगरानी की योजना बनाई जा रही है। नगर निगम शहर के सभी 17 प्रवेश और निकास मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाएगा। इन कैमरों की मदद से शहर की सुरक्षा के साथ स्वच्छता को पुख्ता बनाया जाएगा। करीब दो करोड़ रुपये इस योजना पर खर्च होने का अनुमान है। बुधवार को लखनऊ में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) अधिकारियों के समक्ष पेश करेंगे।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सेफ सिटी प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। शहर के आवासीय और व्यावसायिक परिसरों पर लगे निजी कैमरों का एक्सेस लेकर कंट्रोल सेंटर से जोड़ने की जद्दोजहद की जा रही है। करीब छह करोड़ रुपये का बजट नगर निगम को मिला है। इसमें से करीब चार करोड़ रुपया सेफ सिटी और नगर निगम में कंट्रोल रूम बनाने पर खर्च होगा। नगर निगम शेष राशि का प्रयोग शहर के प्रवेश और निकास मार्गों पर आटोमेटिक नंबर प्लेट रिकागनाइजेशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए जाने में करेगा। इन कैमरों से शहर में प्रवेश करने और बाहर जाने वाले हर वाहन पर निगरानी रखी जाएगी। नगर अयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि इसका फायदा शहर की यातायात और कानून व्यवस्था को सुधारने में मिलेगा। साथ ही, कचरा प्रबंधन में भी काफी सहयोग मिलेगा। अक्सर शिकायत मिलती हैं कि नगर निगम क्षेत्र से बाहर का कचरा निगम क्षेत्र में डालकर वाहन चले जाते हैं। ऐसे वाहनों पर नजर रखना आसान होगा। ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन के अलावा नगर निगम के गाजियाबाद 311 एप की कुछ सुविधाओं को इन कैमरों से जोड़ा जाएगा, जिससे निगम अधिकारियों के लिए गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा। ब्यूरो
इन 17 मार्गों पर कैमरे लगाने की योजना
दुहाई-मेरठ रोड
इंद्रगढ़ी-हापुड़ रोड
लालकुआं-जीटी रोड
शाहबेरी-नोएडा रोड़
तिगरी गोल चक्कर ताज हाईवे
कौशांबी
कौशांबी गांव गाजीपुर रोड
सूर्यनगर
विवेक विहार
अप्सरा बॉर्डर रोड
मोहननगर 150 फुट रोड
डीएलएफ रोड
बजीराबाद रोड
लोनी टीला मोड़ रोड
यूपी गेट एलिवेटेड रोड
यूपी दिल्ली गेट
सफाई नायकों को मिलेंगे वॉकी-टॉकी
शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 200 वॉकी-टॉकी सफाई नायकों को उपलब्ध कराए जाएंगे। कॉरपोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। नगर आयुक्त और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अलावा निरीक्षक और सुपरवाइजरों के पास वॉकी-टॉकी उपलब्ध होंगे। पुलिस की तर्ज पर नगर निगम अपने कंट्रोल रूम से सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए वायरलेस सिस्टम का प्रयोग करेगा। कहीं भी गंदगी दिखाई देने या अन्य सूचनाओं को तत्काल संबंधित क्षेत्र के सफाई नायकों तक पहुंचाया जा सकेगा।