लोनी। बेहटा हाजीपुर गांव में 12 जून को हुए अग्निकांड में मरने वालों की संख्या छह हो गई। आग में झुलसी उजमा की सोमवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उजमा की मौत की खबर सुनते ही परिवार में फिर से मातम पसर गया।
एसीपी अंकुर विहार भास्कर वर्मा ने बताया कि अग्निकांड में झुलसी शारिक की बहन उजमा (22) काे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर की रिपोर्ट के अनुसार उजमा 70 से 80 फीसदी जल चुकी थीं। डॉक्टरों की विशेष टीम उजमा का इलाज कर रही थी। इस घटना के बाद उजमा को कुछ घंटे बाद होश तो आ गया था, लेकिन वह कुछ बोल नहीं पा रही थीं। वह परिजनों और डॉक्टर से इशारे में बात कर रही थीं। इस अग्निकांड में पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली है। आग लगने के कारण की जांच अग्निशमन विभाग कर रहा है।
12 जून को हुआ था अग्निकांड : शारिक के मकान की दोनों मंजिल में आग लग गई थी। मकान की पहली मंजिल में कारखाना था। ऊपर की मंजिल में शारिक की पत्नी फरहीन, सात माह का बेटा शीश, बहन नाजरा, जीजा फैज, भांजी इफरा, भांजा अर्श और छोटी बहन उजमा थी। आग लगने के दौरान उजमा और अर्श को बाहर निकाल लिया गया था। दोनों आग में झुलस चुके थे। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया था।
अर्श को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। इस अग्निकांड में फरहीन 25, शीश, बहन नाजरा 32, जीजा सैफुद्दीन 35 और भांजी इफरा के शव घर के अंदर सीढि़यों पर मिले थे। घटना के दौरान शारिक घर से बाहर किसी काम से गए थे।