बुलंदशहर में पिछले दिनों गुलावठी क्षेत्र के गांव बराल की मढ़ैया में पकड़ी गई फर्जी शिक्षिका अमिता शुक्ला के मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। अमिता शुक्ला के नाम और दस्तावेजों पर बुलंदशहर के साथ बलरामपुर और सिद्धार्थनगर में भी दो अन्य महिला शिक्षिका नौकरी कर रही हैं। इस फर्जीवाड़े का खुलासा एसटीएफ की जांच में हुआ है। जबकि असली अमिता शुक्ला जनपद फतेहपुर की निवासी है।
पिछले दिनों जनपद के बीएसए को एसटीएफ से एक पत्र प्राप्त हुआ था। बीएसए ने जब पत्र में अंकित शिक्षिका अमिता शुक्ला की जांच कराई तो वह फर्जी निकली। बताया कि वह वर्ष 2014 से बुलंदशहर में तैनात हैं। सबसे पहले ऊंचागांव ब्लॉक, फिर अगौता और अब गुलावठी ब्लॉक के गांव बराल की मढ़ैया में नौकरी कर रही है। इनके सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया तो वह सब फतेहपुर के पाए गए।
वहीं अब एसटीएफ की जांच में अमिता शुक्ला जिन शैक्षणिक प्रमाणपत्रों पर नौकरी कर रही हैं, उन्हीं पर दो और अन्य महिलाएं बलरामपुर और सिद्धार्थनगर में नौकरी करती पाई गई हैं।
तीनों अमिता शुक्ला के सभी प्रमाणपत्र एक जैसे
बताया कि इन सभी के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन समेत सभी प्रमाण पत्र एक जैसे और सभी के अंक भी समान हैं। असली अमिता शुक्ला इस समय फतेहपुर के बिजईपुर प्राथमिक विद्यालय बरहा में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। बीएसए के अनुसार फर्जी शिक्षिका अमिता शुक्ला पुत्री ब्रह्मदत्त शुक्ला के दस्तावेज फतेहपुर खखेरू के हैं।
इंटरमीडिएट की मार्कशीट चौधरी शिव सहायक सिंह इंटर कॉलेज फतेहपुर की है। इसके अलावा अन्य दस्तावेज भी इसी जनपद के हैं, जो फर्जीवाड़ा कर लगाए गए हैं। तीन जिलों में एक ही शैक्षणिक प्रमाण पत्रों पर शिक्षिका नौकरी कर रही हैं। फर्जी शिक्षिका का वेतन पहले ही रोका जा चुका है। उसे नोटिस दिया तो उसने मेडिकल का हवाला दिया है। जल्द ही उसे बर्खास्त कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
फर्जी शिक्षिका अमिता शुक्ला के नाम पर तीन जगह नौकरी करने का मामला संज्ञान में आ चुका है। तीन जिलों में शिक्षिकाएं एक ही दस्तावेज पर नौकरी कर रही हैं। एसटीएफ की रिपोर्ट मिली है। शिक्षिका को बर्खास्त करने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही स्कूल महानिदेशक एवं एसटीएफ को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।- बीके शर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी।