औरंगाबाद। कोरोना महामारी के बीच मरने वालों को चार कंधे तक नसीब नहीं हो रहे। कस्बे में बुखार से एक किराना व्यापारी की मौत हो गई। कोरोना की आशंका से कोई घर पर नहीं आया। अंतिम यात्रा तक नहीं निकली, परिवार के चंद लोग एक गाड़ी में शव को सीधे शमशान घाट ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, कस्बे में कोरेाना की मौत की चर्चा होने से हड़कंप मचा रहा। मोहल्ला स्याना सिकंदरा निवासी स्वर्गीय मदन लाल गुप्ता का 45 वर्षीय पुत्र संजीव उर्फ संजू मोहल्ले में ही किराना की दुकान करता था। बताया जाता है कि किराना व्यापारी करीब 5-6 दिन पहले बारिश में भीग गए थे। खून की जांच कराई तो उसमें बुखार आया था। जिसके बाद एक चिकित्सक से दवाई ले ली। सूत्रों के अनुसार पता चला कि उक्त व्यापारी ने कोरोना बीमारी के डर के चलते दवाई का सेवन नही किया। जिस कारण सुबह हालत बिगड़ गयी। परिजन उसको निजी चिकित्सक के यहां ले गए। जहां उसने बुलंदशहर के लिये रेफर कर दिया, लेकिन व्यापारी ने रास्ते मे ही दम तोड़ दिया। बाद में चिकित्सकों ने भी उसे मृत घोषित कर दिया। शव औरंगाबाद पहुंचते ही मोहल्ले में कोरोना से मौत का शोर मच गया। व्यापारी सुरक्षा फोरम के नगराध्यक्ष शिवकुमार गुप्ता ने मामले की सूचना स्वास्थ्य विभाग के साथ एसडीएम सदर सदानंद गुप्ता को दी और मृतक के परिजनों के साथ मोहल्लेवासियों की रैपिड जांच की मांग की। एसडीएम और चिकित्सको ने उन्हें जांच का भरोसा दिलाया। जिसके बाद ही मृतक व्यापारी का अंतिम संस्कार हो सका। मृतक ने अपने पीछे दो बेटों को छोड़ा है। कोट व्यापारी की मौत का मामला संज्ञान में है। पीडि़त ने स्वास्थ्य विभाग को पहले से बीमारी की जानकारी नही दी थी। मृतक के परिजनों के साथ पड़ोसियों की जांच कराई जा रही है। - डॉ. दिव्या शर्मा, कार्यवाहक सीएचसी प्रभारी