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पावर कारपोरेशन ने सिंचाई विभाग पर लगाया 32 लाख का जुर्माना

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बुलंदशहर। सरकारी दफ्तरों में ही जब बिजली चोरी होगी तो आम लोगों से सुधार की क्या उम्मीद रखी जा सकती है। सिंचाई विभाग का एक मामला सामने आया है। विभाग ने बिजली का कनेक्शन तो दो किलोवाट का ले रखा था, लेकिन बिजली 22 किलोवाट तक प्रयोग की जा रही थी। पावर कारपोरेशन की चेकिंग के दौरान यह खेल सामने आया है। मामले में शहर एक्सईएन ने करीब 32 लाख का जुर्माना लगाते हुए विभाग को नोटिस भेजा है। जानकारी के अनुसार नहर कॉलोनी स्थित सिंचाई विभाग के दफ्तर में कुछ दिन पूर्व बिजली निगम के अफसरों और कर्मियों ने चेकिंग की थी। चेकिंग के दौरान सामने आया कि विभाग के दफतर में कनेक्शन तो दो किलोवाट का था, लेकिन यहां बिजली 22 किलोवाट तक प्रयोग की जा रही थी। दो किलोवाट के कनेक्शन से कई एसी चल रहे थे। यह खेल पिछले कई सालों से चल रहा था और साल दर साल पावर कॉरपोरेशन को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा था। बिजली निगम के शहर एक्सइएन ने बताया कि जांच पड़ताल कने के बाद सिंचाई विभाग पर लोड से अधिक बिजली का प्रयोग करने पर कुल ३२ लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही सिंचाई विभाग को पावर कारपोरेशन की ओर से नोटिस भी भेजा गया है। वहीं, विभागीय सूत्रों की मानें तो ऐसा नही है कि पिछले बिजली एक्सईएन को ये बात पता ना हो। क्योंकि सिंचाई विभाग का यह कार्यालय पावर कारपोरेशन के दफ्तर से ही लगा हुआ है। लेकिन अफसरों से मिलीभगत के चलते किसी ने भी छापेमारी की कोशिश नही की। और भी कई विभाग है एक्सईएन की रडार पर सिंचाई विभाग में इतने बड़े गोलमाल का मामला पावर कारपोरेशन में चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों की माने तो शहर एक्सईएन की रडार पर अभी बहुत से सरकारी विभाग है। जहां कम किलोवाट पर अधिक बिजली का प्रयोग किया जा रहा है। माना जा रहा है कि अन्य विभागों के बिजली की खपत की जांच भी जल्द की जा सकती है। कोट कुछ दिन पूर्व चेकिंग अभियान के दौरान यह मामला पकड़ में आया। दो किलोवाट का कनेक्शन था, लेकिन 22 किलोवाट तक बिजली प्रयोग की जा रही थी। 32 लाख का असिस्मेंट और नोटिस सिंचाई विभाग को भेज दिया गया है।  - शिवकुमार, एक्सईएन शहर
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