बुलंदशहर। जिला अस्पताल में कोविड-१९ की जांच निशुल्क की जाएगी। साथ ही अगर कोई कर्मचारी रुपये की मांग करता है तो संबंधित पर कार्रवाई होगी। रुपये लेकर कोरोना की जांच करने का समाचार प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा आइसोलेशन वार्ड समेत जिला अस्पताल परिसर में निशुल्क जांच की जानकारी देने को पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में संक्रमण की पहचान के लिए शासन द्वारा ट्रूनेट से कोरोना जांच की सुविधा दी गई थी। प्रतिदिन निर्धारित संख्या में जांच किए जाने को अस्पताल के कुछ कर्मियों ने चिकित्सक संग मिलकर अवैध उगाही करना शुरू कर दिया। जबकि, यह जांच निशुल्क की जाती हैं। मरीजों द्वारा समय-समय पर अस्पताल प्रशासन को संज्ञान में बताने के बावजूद कर्मियों और चिकित्सक की उगाही जारी थी। मरीजों से निशुल्क जांच के नाम पर उगाही की जानकारी को अमर उजाला ने सोमवार के अंक में 'जिला अस्पताल में रुपये लेकर कोरोना जांच का आरोपÓ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। निशुल्क जांच के नाम पर रुपये लेने के मामले का समाचार प्रकाशित होने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। जिसे अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल की बदनामी होता देख अस्पताल परिसर में 'कोविड-१९ की जांच निशुल्कÓ के पोस्टर लगवा दिए गए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मामले में जांच के नाम पर चुप्पी साध रखी है और मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में कोरोना की जांच निशुल्क की जा रही हैं। जांच के नाम पर रुपये मांगने संबंधी किसी ने शिकायत नहीं की हैं। शिकायत मिलती है तो जांच कराई जाएगी। बताया कि कोरोना की निशुल्क जांच के लिए अस्पताल परिसर में पोस्टर लगवा दिए गए हैं। ज़