बुलंदशहर। जनपद में अभी टिड्डी दल से फसलों के नुकसान की संभावना बरकरार बनी हुई है। इस समय टिड्डी दल अलीगढ़ में डटा हुआ है और अफसरों की भी पैनी नजर है। जनपद के साथ वाले जिले में टिड्डी दल होने पर किसानों को भी फसलों की चिंता सता रही है। कृषि विभाग के अफसरों का कहना है कि यदि हवा का रुख बदला तो टिड्डी फिर आ सकती हैं। पिछले काफी दिनों पूर्व पाकिस्तान के रास्ते दो टिड्डी दल राजस्थान में पहुंचे थे। इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया था। सबसे पहले पहुंचा टिड्डी दल तो प्रदेश में प्रवेश नहीं कर सकता था, जिसके चलते किसानों ने राहत की सांस ली थी। वहीं, दूसरा टिड्डी दल प्रदेश के कई जनपद में पहुंच गया। हालांकि इसके जनपद बुलंदशहर में पहुंचने की बहुत कम संभावना जताई जा रही थी। लेकिन शनिवार को टिड्डी दल खुर्जा और सिकंदराबाद क्षेत्र में प्रवेश कर गया था। इसकी सूचना मिलते ही किसानों के होश उड़ गए और इन्हें जनपद से खदेडऩे के लिए जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया था। किसानों की मदद से थाली बजाकर और कीटनाशक दवा का छिड़काव करके इस टिड्डी दल को अलीगढ़ की सीमा में खदेड़ दिया गया था। इससे किसानों ने राहत की सांस ली थी। लेकिन यह टिड्डी दल अभी भी अलीगढ़ में डटा होने के कारण किसानों की चिंता बरकरार है और अफसर पैनी नजर रखे हुए हैं। कृषि उप निदेशक आरपी चौधरी और जिला कृषि रक्षा अधिकारी अमरपाल का कहना है कि अलीगढ़ के सिकंदराऊ क्षेत्र में डटे टिड्डी दल पर पैनी नजर है। यदि हवा का रुख बदला तो यह टिड्डी दल जनपद की सीमा में फिर प्रवेश कर सकता है। इसलिए पैनी नजर रखने के साथ अलीगढ़ जिला प्रशासन से लगातार संपर्क किया जा रहा है। यदि जनपद में टिड्डी दल प्रवेश करता है तो इससे निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।