प्रियंका गांधी को विधायक द्वारा किया गया रिट्वीट।
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माई सिटी रिपोर्टर बुलंदशहर। अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र में हुई दो साधुओं की हत्या पर राजनीतिक रंग चढऩा प्रारंभ हो गया है। साधुओं के डबल मर्डर से एक बार फिर से जनपद राष्ट्रीय फलक पर आ गया है। वहीं, शुरूआत में कुछ लोगों ने इस घटना को महाराष्ट्र के पालघर से जोड़कर देना शुरू कर दिया था। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ने एक ओर उत्तर प्रदेश में बीते १५ दिनों में हुई हत्याओं को लेकर सरकार को घेरते हुए ट्वीट किया। जिसके जवाब में अनूपशहर विधायक ने रिट्वीट करते हुए उन्हें जवाब दिया और महाराष्ट्र में हुई साधुओं की हत्या पर घेरते हुए गठबंधन की सरकार पर सवाल उठाए हैं। अनूपशहर में मंगलवार सुबह साधुओं की हत्या का मामला लखनऊ और दिल्ली तक के सियासी गलियारों में गूंजने लगा था। जिस पर दोपहर को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा ने एक ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने लिखा कि 'अप्रैल के पहले 15 दिनों में ही उत्तर प्रदेश में सौ लोगों की हत्या हो गई। तीन दिन पहले एटा में पचौरी परिवार के पांच लोगों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए। कोई नहीं जानता उनके साथ क्या हुआ।Ó प्रियंका गांधी के इस ट्वीट पर कुछ मिनट बाद ही अनूपशहर के विधायक संजय शर्मा ने उन्हें रिट्वीट किया। पहले रिट्वीट में उन्होंने कहा कि प्रियंका वाड्रा जी, मेरी विधानसभा अनपूशहर में दो संतो की आपसी विवाद में नशे में एक अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति द्वारा की गई हत्या पर आपकी संवेदनशीलता के लिए धन्यवाद। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है हम सब इसकी निंदा करते हैं। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। घटना के छह घंटे के भीतर मुल्जिम गिरफ्तार है। थाना अनूपशहर में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। आपका कथन उचित है कि ऐसी घटनाओं का राजनीतिकरण निंदनीय है। पर मैं आपकी संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कुछ दिन पूर्व पालघर, महाराष्ट्र में दो संतो की निर्मम, सरेआम व पुलिस की उपस्थिति में उन्मादी लोगों द्वारा पूरे होशोहवास में बिना विवाद के हुई हत्या के संबंध में सरकार, आपकी पार्टी जिसका अंग है, द्वारा आज तक की गई कार्रवाई, उसमें हुए विलंब के कारण पर आपके द्वारा जानकारी व आपकी प्रतिक्रिया देश को बताना चाहता हूं। प्रियंका वाड्रा के अलावा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर डबल मर्डर की निंदा की है। साथ ही न्यायोचित कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं, शिव सेना के संजय राउत, स्वामी दीपांकर आदि ने भी साधुओं की हत्या पर दुख प्रकट किया है। और मामले के राजनीतिकरण नहीं करने की अपील की है।