सुरंग में 90 सेंटीमीटर चौड़ा पैदल मार्ग होगा
82 किमी लंबे रैपिड रेल कॉरिडोर में 70 किमी लंबा एलिवेटेड और 12 किमी लंबा भूमिगत मार्ग है। सुरंग वाले भाग में 90 मीटर लंबी सुदर्शन (टनल बोरिंग मशीन) के जरिए मिट्टी की कटाई और सीमेंट की रिंग को लगाने का काम किया जा रहा है।
परियोजना में पहली बार 6.5 मीटर व्यास की सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। सुरंग में आपात निकास मार्ग के साथ सुरक्षा की दृष्टि और रखरखाव गतिविधियों के लिए 60 से 90 सेंटीमीटर चौड़ा एक पैदल मार्ग (साइड वॉकवे) बनाया जा रहा है।
आपात निकास मार्ग से जुड़ेंगी समानांतर सुरंग
आरआरटीएस कॉरिडोर के पूरे भूमिगत भाग में ट्रेनों के आने और जाने के लिए दो सामानांतर सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे में आपात निकास मार्ग के माध्यम में यह दोनों सुरंग आपास में जुड़ेंगी।
भूमिगत भाग में हर 250 मीटर पर आपात निकास मार्ग का प्रावधान होगा। ऐसे में आपात स्थिति के साथ आश्वयकता पड़ने पर आपात निकास मार्ग का इस्तेमाल कर आसानी से आवागमन किया जा सकेगा। आपात स्थिति में यदि एक रैपिड रेल रुक जाती है तो निकास मार्ग के जरिए दूसरी सुरंग से यात्रियों को बाहर निकाला जा सकेगा।
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि साहिबाबाद से आनंद विहार, आनंद विहार से दिल्ली न्यू अशोक नगर और मेरठ में सुरंग निर्माण का काम तेज गति से जारी है। मेरठ में दो सुरंगों की खोदाई का काम पूरा हो चुका है।