गाजियाबाद। बसपा ने 72 घंटे में गाजियाबाद सीट पर अपने प्रत्याशी को बदल दिया। पंजाबी समाज के अंशय कालरा का टिकट काटकर क्षत्रिय समाज के नंदकिशोर पुंडीर को नया प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। माना जा रहा है कि इसके पीछे रणनीति भाजपा से नाराज बताए जा रहे क्षत्रिय समाज के मतदाताओं को साधने की है। भाजपा ने पहली बार वैश्य कार्ड चलकर अतुल गर्ग को उम्मीदवार बनाया है। अब तक भाजपा सात बार जीती है। सातों बार उम्मीदवार क्षत्रिय समाज से रहे हैं।
मूलरूप में शामली के थानाभवन के मोहब्बतपुर गांव निवासी नंद किशोर पुंडीर पेशे से बिल्डर हैं और गाजियाबाद के शास्त्रीनगर में रहते हैं। उन्होंने बताया कि वह 20 साल तक भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं, लेकिन उनके समाज को सम्मान नहीं दिया गया। इसलिए उन्होंने पार्टी छोड़कर बसपा का दामन थामा। वह गाजियाबाद की समस्याओं को वह बेहतर समझते हैं और उनके समाधान के लिए हरसंभव कोशिश की जाएगी। बसपा के जिलाध्यक्ष दया सैन ने बताया कि पार्टी ने सोच समझकर जिताऊ प्रत्याशी को मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। नतीजे चौंकाने वाले रहेंगे।
टिकट कटने के बाद अंशय कालरा ने कहा कि पार्टी के निर्णय का वे स्वागत करते हैं। वह पहले भी बसपा की रीति नीतियों से प्रभावित थे और आज भी उसी ऊर्जा के साथ पार्टी प्रत्याशी को जिताने की कोशिश करेंगे।
पत्नी लड़ रही मुजफ्फरनगर से चुनाव
नंदकिशोर की पत्नी कविता पुंडीर मुजफ्फरनगर से राजपा(राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी) से चुनाव लड़ रही हैं। नंदकिशोर पुंडीर ने बताया कि राजपा का अपना जनाधार है। मुजफ्फरनगर में भी जनता का उनको पूर्ण सहयोग और समर्थन मिल रहा है।