लोनी। पोस्टमार्टम के बाद अलीशा और इमरान के शव शाम करीब साढ़े चार बजे लोनी रूपनगर कॉलोनी पहुंचे। दोनों के शवों को देखकर परिजन बिलख-बिलख कर रोने लगे। अलीशा के पिता शकील अपने बेटी को गले लगाकर रोने लगे और बोले मैं तुझे ठीक छोड़ गया था, तू मुझे छोड़कर चली गई। शकील अपने छह बेटियों में सबसे ज्यादा अलीशा और अलीना को प्यार करते थे। अलीशा का चचेरा भाई अपनी छोटी बहन का शव देखकर बेहोश हो गया। अलीशा की अन्य बहनें भी अपना आपा खो रही थीं। खाला (मौसी) अफसाना भी अलीशा का शव देखकर बेहोश हो गईं।
घर में नहीं जला चूल्हा, पड़ोसियों ने खिलाया खाना
धमाके में मेबिश, शाहिस्ता, गीता और नूरी का परिवार को क्षति पहुंची हैं। मेबिश के बेटे इमरान की मौत हो गई हैं। मेबिश का अस्पताल में इलाज चल रहा हैं। वहीं, शाहिस्ता की दो बेटियों अलीना और अलीशा की मौत हो गई हैं। शाहिस्ता का अस्पताल में इलाज चल रहा। गीता की हालत भी गंभीर बनी हुई हैं। नूरी का भी इलाज चल रहा है। चारों परिवारों के घर रविवार को भी चूल्हा नहीं जला। पड़ोस के लोगों ने घायलों और मृतकों के परिजनों को खाना पहुंचा रहे हैं।
घायलों के ठीक होने की मांगी दुआ
हादसे में घायल हुई मेबिश, शाहिस्ता, गीता, नूरी के जल्द ठीक होने को लेकर आसपास के धार्मिक स्थलों में दुआ मांगी गई। मदीना मस्जिद के मुफ्ती फुरकान ने बताया कि ऊपर वाले से दुआ मांगी है कि जल्द सभी ठीक हो जाएं।