गाजियाबाद। लालकुंआ के पास चिपियाना फाटक पर ओवरब्रिज और अंडरपास का काम 44.36 करोड़ की लागत से होगा। धनराशि जारी होने के बाद कंपनी जल्द इस पर काम शुरू करेगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, डेढ़ साल में इसका काम पूरा होगा। अंडरपास और ओवरब्रिज बनने से चिपियाना, लालकुंआ और नोएडा एक्सटेंशन की तरफ आवाजाही में लोगाें को जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। रेलवे के इस निर्णय से लोगों ने राहत की सांस ली है।
चिपियाना फाटक पर आए दिन जाम रहता है। लंबे समय से स्थानीय लोग इसपर ओवरब्रिज बनाने की मांग कर रहे थे। इसी को देखते हुए रेलवे प्रबंधन ने इसके लिए धनराशि जारी कर दी। नोएडा एक्सटेंशन की तरफ आने जाने वाले लोगों को फाटक पर जाम मिलने की वजह से आगे से घूमकर आना पड़ता था। लेकिन ब्रिज बनने से उनको कम दूरी तय करनी पड़ेगी और लोगों का समय भी बचेगा। चिपियाना निवासी रविंद्र चौधरी ने बताया कि निश्चित रूप से ब्रिज बनने से गांव के विकास को गति मिलेगी। ग्रामीणों का रोजाना काफी समय फाटक पर लगने वाले जाम में बर्बाद हो रहा था। रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि सभी विभागों से एनओसी मिल चुकी है। गौतमबुद्धनगर के जिला प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण भी हटवा दिया गया है। कार्यदायी संस्था को तय समय सीमा में काम पूरा करने को कहा गया है।
-रेहड़ी, पैदल यात्रियों का रखा गया ध्यान : ओवरब्रिज पर ठेला, रिक्शा, घोड़ा तांगा, भैंसा बुग्गी, पैदल यात्रियों को चढ़ने में दिक्कत आती है। इसलिए ओवरब्रिज के साथ अंडरपास बनाने का निर्णय लिया गया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए अंडरपास का निर्णय लिया गया है। संवाद