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Ghaziabad News: गाजियाबाद को जिला बनवाने में बीपी मौर्य ने निभाई थी अहम भूमिका

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गाजियाबाद। गाजियाबाद को तहसील से जिला बनवाने में सांसद व केंद्रीय मंत्री बुद्ध प्रिय मौर्य ने अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी से गाजियाबाद को जिला बनाने की सिफारिश की थी। दलितों के हक के लिए उन्होेंने समाज में बड़ी लड़ाई लड़ी। वह हापुड़-गाजियाबाद लोकसभा सीट पर पांच बार चुनाव लड़े। चार बार हारे एक बार जीते। 1971 में वह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और बीकेडी के प्रकाश वीर शास्त्री को हराया। कांग्रेस सरकार में वह उद्योग मंत्री रहे थे।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सतीश त्यागी बताते हैं कि बुद्ध प्रिय मौर्य की किसानों और दलित समाज में अच्छी पैठ थी। किसानों की जमीन पर पूंजीपतियों द्वारा कब्जा किया जाने का प्रयास किया जा रहा था। इसका विरोध कर किसानों की जमीन वापस दिलाई। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण भी इन्हीं के कार्यकाल में विकसित किया गया। कमजोर लोगों की आवाज बनकर बीपी मौर्य ने अपनी अलग पहचान बनाई।

राजनीतिक सफर
बीपी मौर्य का जन्म अलीगढ़ के खैर में एक मई 1926 को हुआ था। वामपंथी नेता के तौर पर उनकी पहचान थी। पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय नेता थे। कानून में मास्टर डिग्री लेने के बाद उन्होंने अलीगढ़ से राजनीतिक सफर की शुरुआत की। 1957 में रिपब्लिकन पार्टी का उदय हो चुका था। तीसरे लोकसभा चुनाव 1962 में अलीगढ़ सीट से रिपब्लिकन पार्टी से उम्मीदवार बने और निर्दलीय प्रत्याशी को हराकर संसद पहुंचे। 1967 में हापुड़-गाजियाबाद सीट से रिपब्लिकन पार्टी से चुनाव लड़े और निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश वीर शास्त्री से हार गए। 1971 में रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस में विलय कर इसी सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और बीकेडी से उम्मीदवार प्रकाश वीर शास्त्री को हरा दिया। उन्हें दो बार संसद पहुंचने का मौका मिला। 1977, 1989 और 1991 में भी चुनाव लड़े लेकिन हार गए।
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जब नीला झंडा और कांग्रेस का झंडा लगाकर पहुंचे रैली में

1971 के लोकसभा चुनाव में वह किस्सा आज भी पुराने कांग्रेसियों को याद है। बताते हैं कि हापुड़ में बीपी मौर्य चुनावी रैली में पहुंचे तो उनकी कार पर दो झंडे लगे थे। कार पर एक तरफ नीला झंडा, जिस पर हाथी निशान बना हुआ और दूसरी ओर कांग्रेस का झंडा लगा था। दो तीन जगहों पर विरोध हुआ। इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में कर लिया।
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1971 का चुनाव

कुल मतदाता : 5,78,138

मत पड़े : 3,76,612

वैध मत : 3,70,291

मतदाता प्रतिशत 64.0



नतीजा

बीपी मौर्या (कांग्रेस) 2,29,496

प्रकाश वीर शास्त्री (बीकेडी) 1,20, 753
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