सबहेड- बॉयज लॉकर रूम की घटना से अभिभावकों के मन में बच्चों की चिंता कर गई घर - मनोचिकित्सकों से भी सलाह ले रहे हैं अभिभावक - बच्चों पर नजर रखना और सतर्कता बरतना है जरूरी माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। इंस्टाग्राम पर बॉयज लॉकर रूम की घटना ने अभिभावकों की नींद उड़ा दी है। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले बच्चों के अभिभावकों के मन में बच्चों की सुरक्षा का डर घर कर गया है। लॉकडाउन के बीच विद्यार्थी लगातार स्कूल-कॉलेजों में जारी ऑनलाइन क्लासेस ले रहे हैं। ऐसे में कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल पर अधिकांश समय बिता रहे बच्चों की गतिविधियों पर अभिभावक नजर रख रहे हैं। इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा के बाबत अभिभावक काउंसलर और मनु चिकित्सकों की सलाह भी ले रहे हैं। करियर काउंसलर राहुल गोयल ने बताया कि दिल्ली में इंस्टाग्राम पर बॉयज लॉकर रूम की घटना परेशान करने वाली है। तकनीक और सोशल मीडिया के प्रभाव वाले इस दौर में अभिभावकों को जरूरत है कि वह बच्चों की हर गतिविधि पर नजर रखें। बच्चों के व्यवहार में कोई बदलाव देखने पर उससे खुलकर बातचीत करने की जरूरत है। इस दौर में जरूरत है कि शुरुआत से ही बच्चों को इंटरनेट के सही इस्तेमाल की जानकारी दें। ऑनलाइन पढ़ाई और सोशल मीडिया के इस्तेमाल के दौरान बच्चों पर नजर रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों से दोस्ताना व्यवहार रखना बहुत आवश्यक है, जिससे बच्चे अपनी की बात खुलकर बता सके। बच्चों के कंप्यूटर और लैपटॉप की हिस्ट्री चेक करना भी जरूरी है। इसके अलावा बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर रखनी चाहिए। छोटे बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट के सीमित इस्तेमाल की इजाजत दें। जबकि बड़े बच्चों को इंटरनेट के इस्तेमाल की सही जानकारी देने के साथ उसके फायदे और नुकसान से भी परिचित कराएं। वर्तमान दौर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय जागरूकता और सतर्कता बहुत जरूरी है। -- बच्चों से दोस्ताना व्यवहार ही है समस्या का समाधान मनोचिकित्सक डॉ. आर. चंद्रा ने बताया कि बॉयज लॉकर रूम की घटना के बाद परामर्श के लिए तमाम अभिभावकों के कॉल आए आए हैं। नेट और स्मार्टफोन के जमाने में इस समस्या के समाधान का केवल एक ही तरीका है, कि बच्चों से दोस्ताना व्यवहार रखा जाए। पेरेंट्स को जरूरत है कि वह छोटी उम्र से ही बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार रखें। दोस्ताना व्यवहार रखने से बच्चे अपनी बात खुलकर अभिभावकों को बता सकेंगे। तुमान में मच्छी अपने अभिभावकों से ज्यादा दोस्तों से अपनी बात शेयर करते हैं। --