क्षेत्रांतर्गत नाहल झाल गंगनहर में रविवार दोपहर 4 बजे डूबे व्यक्ति का शव 45 घंटे बाद घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर गंगनहर एनएच-नौ पुल के पास मंगलवार दोपहर 1 बजे पुलिस ने बरामद किया। शादाब को पीएसी गोताखोरों के साथ परिजन भी गंगनहर में तलाश रहे थे। पुलिस ने परिजनों के कहने पर बिना मेडिकल परीक्षण के वैधानिक कार्रवाई करके शव परिजनों को सौंप दिया।
जबकि डूबे व्यक्ति को तलाश करने गंगनहर में कूदे चचेरे भाई के सिर में चोट लगने से गम्भीर घायल हो गया था। जिसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है, चिकित्सकों ने उसे खतरे से बाहर बताया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर चार बजे नाहल के मोहल्ला खाकियान निवासी शादाब 32 पुत्र अख्तर अपने दो दोस्तों के साथ नाहल झाल गंगनहर में नहा रहा था, नहाते समय वह गंगनहर के तेज बहाव में बहकर डूब गया साथियों ने बचाने का प्रयास किया। मगर वे उसे बचाने में असफल रहे, सूचना पाकर पुलिस व शादाब के परिजन गंगनहर झाल पर पहुंचे।
पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से शादाब को गंगनहर में तलाश करवाने को उतारा, वहीं शादाब के चाचा अनीस का 15 वर्षीय बेटा वकार अपने भाई को गंगनहर में ढूंढने के लिए कूदा तो उसका सिर किसी पत्थर से टकरा गया। जिसे वहां मौजूद युवकों ने पानी से बाहर निकाला और मसूरी निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे पिलखुआ रामा अस्पताल में रेफर कर दिया।
वहीं उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। एसीपी मसूरी सुनील कुमार ने बताया कि गंगनहर में डूबे शादाब को पीएसी के गोताखोर लगातार ढूंढने में लगे थ। मंगलवार दोपहर 1 बजे एक व्यक्ति का शव गंगनहर में मसूरी रेलवे पुल के पास बहता हुआ नजर आया जिसको पानी से बाहर निकाला गया, शव की पहचान शादाब पुत्र अख्तर निवासी मोहल्ला खाकियान नाहल के रूप में परिजनों ने की, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मेडिकल परीक्षण की कार्रवाई की मगर परिजनों के पोस्टमार्टम नहीं कराने के अनुरोध पर शादाब के शव को परिजनों को सौंप दिया।