गाजियाबाद। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद के लिए जेड प्लस सुरक्षा की मांग करते हुए सोमवार को यति संन्यासियों ने सुबह एक घंटे सड़क पर जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि रविवार को कलक्ट्रेट परिसर में धरना दे रहे संन्यासियों को ठंड का हवाला देकर उठा दिया गया था और रात में उनके टेंट को तोड़ दिया गया था। सोमवार की सुबह संन्यासी धरनास्थल पर पहुंचे और टेंट टूटा देखकर सड़क के बीच बैठ गए। पुलिस प्रशासन के दोबारा टेंट तैयार करने के बाद वह सड़क से हटकर टेंट में बैठ गए। उसके बाद महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने धरनास्थल पर मीडिया से वार्ता की और कहा कि आमरण अनशन कर रहे संन्यासियों का टेंट उखाड़ना काफी बचकानी और ओछी हरकत है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री के अहंकार और अधिकारियों की नासमझी हमें बलिदान देने पर मजबूर कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर मेरी मृत्यु निश्चित है तो मैं कीड़े-मकोड़े की मौत नहीं मरूंगा बल्कि अपना बलिदान दूंगा। उन्होंने सांसद पर दमन करने का आरोप लगाया और कहा कि अंग्रेजों के जमाने से लेकर अन्य किसी भी शासन काल में धरने-प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाई थी यह सरकार इस अधिकार को कैसे छीन सकती है। उन्होंने कहा कि शिष्य शांतिपूर्ण ढंग से केंद्रीय मंत्री के आवास पर ज्ञापन देने गए थे लेकिन वहां कर्मचारियों ने ज्ञापन लेने से मना कर दिया और अधिकारियों के जरिये डराया धमकाया। यति राम स्वरूपानंद ने कहा कि अगर पुलिस प्रशासन अनशन नहीं करने देगी तो वह सभी मुख्यमंत्री के आवास पर सामूहिक अग्नि समाधि ले लेंगे।