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बिजली फाल्ट के बाद अब इमरजेंसी रैपिड टीम का नहीं मिलेगा रेस्पांस

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बिजली फाल्ट के बाद अब इमरजेंसी रैपिड टीम का नहीं मिलेगा रेस्पांस  - कंपनी का टेंडर खत्म होने के बाद जनपद से वापस ली गई टीमें - बड़ा फाल्ट होने पर अब उपभोक्ताओं को करना पड़ेगा लंबा इंतजार - टेंडर खत्म होने के बाद वापस हुई  इमरजेंसी टीम एक्सक्लूसिव स्टोरी माई सिटी रिपोर्टर  साहिबाबाद। जनपद में अब किसी भी तरह का फाल्ट होने के बाद लाखों उपभोक्ताओं को सप्लाई के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। 24*7 यानी इमरजेंसी समय में काम करने वाली रैपिड रेस्पांस टीम को टेंडर खत्म होने के बाद वापस ले लिया गया है। ऐसे में सिटी और टीएचए क्षेत्र में अब छोटे-बड़े बिजली फाल्ट को ठीक करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से लोकल टीम पर आ गई है। वहीं, टीएचए के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर ने टीम की जरूरत के लिए उच्च अधिकारियों को मांग पत्र लिखा है। नाम न छापने की शर्त पर विभाग एक अधिकारी ने बताया कि शासन स्तर से बिजली उपकरण के मेंटनेंस और सभी प्रकार के फाल्ट को दूर करने के लिए 24*7 रैपिड रेस्पांस टीम को जिम्मेदारी दी गई थी। जिसमें निजी कंपनी के कर्मचारी दिन-रात काम करते थे। टीएचए में भी सर्किल के हिसाब से दो से अधिक टीमें थीं। इसमें 24 एक्सपर्ट्स की तीन टीमें अलग अलग समय में काम करती थीं। बताया गया कि यह टीम लाइनमैन का काम, तार खींचना, 11 केवीए, 33केवीए में फाल्ट, खंभे लगाना और मेंटेनेंस समेत अन्य प्रकार का काम करती थी। टीम के सदस्य एक्सपर्ट गाड़ी में सामान लेकर चलते थे। लेकिन अब 30 जून को एग्रीमेंट खत्म होने के बाद जनपद से टीम को वापस ले लिया गया है। इसी के साथ अब छोटे-बड़े सभी प्रकार के फाल्ट को ठीक करने की जिम्मेदारी लोकल टीम पर आ गई है। जिसमें सिर्फ तीन कर्मचारियों की डयूटी लगी होती है। सूत्रों का यह भी कहना है कि मेरठ के आला-अधिकारियों ने टेंडर दोबारा डालने से मना कर दिया है। जिसके तहत अब किसी भी टेंडर को अप्रूवल नहीं दिया जा रहा है। साथ ही सभी अधिकारियों को अपने संविदा समेत अन्य कर्मियों से ही काम लेने के लिए कहा गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि लॉकडाउन में आर्थिक स्थिति बिगड़ने का असर बिजली विभाग पर भी पड़ा है।  बता दें कि अमूमन किसी भी सब-स्टेशन पर महज तीन लोगों की टीम होती है। इसमें संविदाकर्मी भी शामिल होते हैं। लेकिन रैपिड टीम की तरह लोकल टीम एक्सपर्ट नहीं है।    सुपरिटेंडेंट इंजीनियर जीडी द्विवेदी का कहना है कि रैपिड रेस्पांस टीम का टेंडर खत्म होने के बाद वापस ले लिया गया है। फिलहाल टीम की जरूरत को देखते हुए दोबारा से मांग पत्र भेजा गया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है।  ----------------------------------- सुमित कुमार 
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