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आ रहे बिजली के बढ़े बिल, उपभोक्ता परेशान

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आ रहे बिजली के बढ़े बिल, उपभोक्ताओं ने विद्युत निगम पर लगाया शोषण करने का आरोप - एक महीने में दो दो बार बिजली का बिल आने से बढ़ी उपभोक्ताओं की परेशानी - कई महीनों का बिल एक साथ बनाने की वजह से बढ़ा बिजली का बिल - विद्युत निगम से शिकायत के बाद भी नहीं उठाया जा रहा कदम माई सिटी रिपोर्टर साहिबाबाद। टीएचए के लोग इन दिनों बढ़े हुए बिजली के बिल आने से परेशान हैं। लोगों ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को ट्विट कर मामले की शिकायत की है। लोगों का कहना है कि इस घड़ी में विद्युत निगम की तरफ से ज्यादा बिल भेजकर लोगों का शोषण किया जा रहा है। लॉकडाउन में जहां लोग कोरोना संक्रमण की बीमारी से बचने के लिए जद्दोजहद कर रहे है। वहीं विद्युत निगम की तरफ से बढ़े हुए बिजली के बिल भेजने से लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। लोग कोरोना के डर से बिजली का बिल ठीक कराने के लिए सबस्टेशन जाने से डर रहे हैं। वहीं विद्युत निगम लगातर मैसेज कर लोगों को जल्द से जल्द बिजली का बिल जमा करने का दबाव बना रहा है। बिजली बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी भी दी जा रही है। लोगों का आरोप है कि विद्युत निगम एक महीने में दो बार बिजली का बिल भेज रहा है। यहीं नहीं तीन महीने का बिल एक साथ बनाया जा रहा है। इसकी वजह से तीन महीने की मीटर रीडिंग एक साथ होने से यूनिट की दर सात रुपये तक पहुंच गई। जबकि यह साढ़े चार से पांच रुपये तक होनी चाहिए। विद्युत निगम के मीटर रीडरों की लापरवाही के चलते लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से की गई है लेकिन समस्या का हल नहीं निकल रहा है। इससे परेशाान होकर मंगलवार को स्थानीय लोगों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को ट्विट करके मामले की शिकायत की है। अभी तक यहां से भी कोई जवाब नहीं आया है। अधीक्षण अभियंता जीडी द्विवेदी ने बताया कि शिकायत मिल रही है। बिलो की जांच कराई जा रही है। जिन बिलों में गलती आ रही है उन्हें ठीक किया जा रहा है। अप्रैल में मीटर रीडर नहीं आने से बढ़े बिजली के बिल - लोगों का कहना है कि जो बिजली के बिल मिले हैं। उसमें आखिरी रीडिंग आठ मार्च को ली गई थी। मार्च से लॉकडाउन शुरू हुआ। जिसकी वजह से अप्रैल में रीडिंग नहीं ली गई। रियायतें मिलने के बाद मई में रीडिंग ली गई तो तीन महीने का बिल एक बार आया। इसकी वजह से तीन महीने की रीडिंग एक साथ लेने से स्लैब बदल गया। जिसके चलते दर सात रुपये तक पहुंच गई। इसकी चलते लोगों के पास बढ़ा हुआ बिल पहुंच रहा है। लोगों का क्या है कहना बिजली के बिल ज्यादा आने से लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। मीटर रीडरों की लापरवाही की वजह से ज्यादा बिल आ रहे हैं। जिसकी वजह से लोग परेशान हैं। अजय गोयल कोरोना के चलते लोग बिलों को ठीक कराने के लिए सबस्टेशन जाने से बच रहे हैं। ऐसे में वह कैसे बिल ठीक कराए। जबकि विद्युत निगम मैसेज भेजकर तुरंत बिल जमा कराने को कह रहा है। एआर मिश्रा
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