गाजियाबाद। जिला बार एसोसिशन के चुनाव में सोमवार को जैसे ही सचिव पद के उम्मीदवार हरेंद्र गौतम को विजयी घोषित किया गया, वैसे ही हंगामा खड़ा हो गया। घोषणा बार की कार्यकारी अध्यक्ष मृदुला त्यागी ने की। इसके बाद चुनाव संयोजक स्नेह त्यागी ने सचिव पद के लिए 25 जुलाई को फिर से मतदान कराने का एलान कर दिया। इससे उम्मीदवार हरेंद्र गौतम और अमित नेहरा के समर्थकों में टकराव की नौबत आ गई।
मृदुला राय त्यागी ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि 19 जुलाई को हुए चुनाव में सचिव पद पर हरेंद्र कुमार गौतम को 892 मत, अमित नेहरा को 891 और वरुण त्यागी को 753 मत प्राप्त हुए। हरेंद्र को वर्ष 2024-2025 में बार एसोसिएशन के सचिव पद पर घोषित किया जाता है। फिर से मतदान कराए जाने की आवश्यकता नहीं है।
अमित नेहरा पक्ष ने इस घोषणा का खुलकर विरोध किया। हरेंद्र के समर्थकों ने इसका जवाब दिया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि जिला बार एसोसिएशन के सभागार में दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी हुई, जो थोड़ी ही देर में हाथापाई में बदल गई।
अगर वरिष्ठ वकीलों ने बीच-बचाव नहीं किया होता तो स्थिति बहुत खराब हो सकती थी। अमित नेहरा पक्ष के लोगों का कहना था कि हरेंद्र सचिव की कुर्सी पर बैठ गए थे। जब संयोजक ने चुनाव की तारीख की घोषणा कर दी तो उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था।
दो वोटों की गड़बड़ी सामने आई
चुनाव संयोजक स्नेह त्यागी का कहना है कि कुल 2,553 वैध मत पत्र जारी किए गए थे। मतगणना के दौरान दो मतपत्र अवैध पाए गए। इन्हीं मतों को जोड़कर हरेन्द्र कुमार गौतम के दो मत पत्र अधिक हैं। हरेन्द्र ने दबाव बनाया कि अवैध मतपत्र उनके पक्ष में जोड़कर विजयी घोषित किया जाए जबकि चुनाव समिति ने इन्हें जारी ही नहीं किया था। विवाद होने पर तीनों प्रत्याशियों ने कहा था कि चुनाव समिति का निर्णय मान्य होगा।