गाजियाबाद। टाटा स्टील कंपनी के प्रवेश यूनिट के भारत बिक्री प्रमुख विनय त्यागी के दूसरे हत्यारोपी युग घई की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति का है, इसलिए जमानत अर्जी खारिज की जाती है। इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी अक्की उर्फ दक्ष पुलिस मुठभेड़ में पहले ही मारा जा चुका है।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि विशंभर त्यागी ने चार मई को थाना शालीमार गार्डन में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनका बेटा विनय त्यागी (41) टाटा स्टील कंपनी स्थित प्रवेश यूनिट में बिक्री विभाग में पूरे देश का प्रमुख था। वह अपने कार्यालय मेट्रो ट्रेन से आते-जाते थे। तीन मई रात 11:21 बजे विनय ने अपनी पत्नी रुचि त्यागी को फोन कर बताया कि वह राजेंद्र नगर साहिबाबाद मेट्रो स्टेशन पर पहुंच गया है। उसके पास करीब डेढ़ लाख रुपये नकद और लैपटॉप व अन्य सामान हैं, इसलिए घर से गाड़ी लेकर आ जाए। यह भी कहा कि वह अपनी लाइव लोकेशन भेज रहा है। कुछ देर बाद पत्नी को दोबारा फोन कर कहा कि वह स्वयं आ रहा है।
करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बाद भी बेटा घर नहीं पहुंचा। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया और भेजी गयी लाइव लाेकेशन भी डिलीट कर दी गयी। इसके बाद सभी लोग परेशान हो गए। विनय को ढूंढने के लिए पत्नी रुचि त्यागी, बेटा अरमान त्यागी, मां संगीता त्यागी, भाई वरुण त्यागी गए थे। लेकिन कोई पता नहीं चला। चार मई की सुबह अलसुबह तीन बजे खेतान पब्लिक स्कूल के स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के बराबर नाली में एक हाथ दिखाई दिया। पास जाने पर पता चला कि खून से लथपथ पड़ा उनका बेटा था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।