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आयुर्वेद में है अनेकों रोगों का उपचार

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माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद ने शुक्रवार को आयुर्वेद से शुगर व बी पी के उपचार पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया। गायत्री मंत्र व ईश्वर भक्ति के भजन के माध्यम से आचार्य महेन्द्र ने कार्यक्रम का।शुभारंभ किया। आयुर्वेदाचार्या डॉ सुषमा आर्या ने कहा कि शुगर एवं उच्च रक्तचाप दोनों ही शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं।जहां शुगर में किडनी,आंखें एवं पांवों को खतरा होता है,वहीं उच्च रक्तचाप में हृदय,दिमाग आदि के खतरा होता है।एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा बढ़ाएं,आयुर्वेद में हाई बीपी को कंट्रोल करने के लिए सबसे अच्छी दवा हैं दालचीनी,इसका प्रयोग मसाले के रूप में भी किया जाता हैं।दालचीनी केवल इंसान को दिल की बीमारियों से ही नहीं बल्कि शुगर से भी बचाता हैं।इसके प्रयोग से शरीर में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा बढ़ जाती हैं और ब्लड शुगर को कम किया जा सकता है।आपको प्रतिदिन सुबह खाली पेट आधा चम्मच दालचीनी के पाउडर के साथ शहद मिलाकर लेना हैं और फिर ऊपर से गर्म पानी पी लें।साथ ही उन्होंने शरीर की कार्यविधि व आयुर्वेद में शरीर को किस प्रकार स्वस्थ रखा जा सकता है इस पर भी प्रकाश डाला।परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि आयुर्वेदीय चिकित्सा विधि सर्वोत्तम है। चिकित्सा प्रकृति के निकट है।प्रकृति में इस शरीर को बनाने के साथ इसे ठीक करने की क्षमता भी है।योगाचार्य सौरभ गुप्ता ने गोष्ठी का संचालन करते हुए जानकारी दी कि जीवन शैली को सुबह उठ कर, सुबह गर्म पानी का सेवन करके, रोजाना 45 मिनट तक योग व प्राणायाम करके अनेक रोगों से बचा जा सकता है।प्रान्तीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने बताया कि आयुर्वेद न केवल रोगों की चिकित्सा करता है बल्कि रोगों को रोकता भी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिक्षाविद राजरानी अग्रवाल ने किया इस दौरान प्रवीन आर्या,नरेन्द्र आर्य 'सुमन',संगीता आर्या,पुष्पा चुघ, राजश्री यादव, यशोवीर आर्य, वीना वोहरा,आनन्द प्रकाश आर्य, अभिमन्यु चावला, के एल राणा,देवेन्द्र भगत,अनिता आर्य,देवेन्द्र गुप्ता,ओम सपड़ा, सुरेन्द्र शास्त्री,गीता गर्ग आदि उपस्थित रहे।
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