वेव सिटी क्षेत्रांतर्गत एनएच नौ डासना आईएमएस अंडरपास के पास सोमवार सुबह चैकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस द्वारा एक ऑटो सीज किए जाने पर आरोपियों ने जमकर हंगामा किया, ऑटो सीज करने से गुस्साए चालकों और उनके साथियों ने ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज, मारपीट की तथा सरकारी कार्य में बाधा डाली। यह घटना 12 अक्टूबर सुबह की है, जब ट्रैफिक पुलिसकर्मी डासना एनएच नौ आईएमएस अंडरपास के पास ड्यूटी पर तैनात थे।
ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर विकास कुमार अपनी टीम हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार और कांस्टेबल मनीष कुमार के साथ दिल्ली जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दृष्टिगत यातायात डायवर्जन और चैकिंग ड्यूटी पर थे। इस दौरान डासना की तरफ से गाजियाबाद जाते हुए लापरवाही से आ रहे एक ऑटो को रोका गया, ऑटो में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी हुई थीं और आटो के आगे नंबर प्लेट नहीं थी, और जांच करने पर उसका बीमा, प्रदूषण व फिटनेस समाप्त पाया गया।
ऑटो चालक जुबैर निवासी डासना ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं दिखा सका, जिसके बाद ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर ने एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत ऑटो को सीज कर पुलिस लाइन भेज दिया। ऑटो सीज होने से नाराज होकर आरोपी आटो चालक जुबैर, बंटी, जोगेन्द्र, तरुण और अन्य व्यक्ति वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे, विरोध करने पर ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर विकास कुमार का चश्मा खींचकर तोड़ दिया और मोबाइल फोन सड़क पर फेंककर क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
प्रमोद कुमार के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की और चैकिंग न करने की धमकी दी। इस दौरान वहां यातायात बाधित हो गया जिस पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गये। पीड़ित ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर विकास कुमार ने वेव सिटी थाने में आरोपी आटो चालक जुबैर निवासी डासना तथा बन्टी, जोगेन्द्र व तरूण और अन्य अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करके आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर विकास कुमार की दी गई शिकायत के आधार पर आरोपी आटो चालक जुबैर निवासी कस्बा डासना तथा बंटी, जोगेन्द्र व तरूण और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, आसपास लगे सीसीटीवी केमरों की फुटेज चेक करके, जांच-पड़ताल कर वैधानिक कार्रवाई की जायेगी।