फोटो समाचार ..…. - सड़क पर पुलिस के पहरे के चलते रेलवे ट्रैक से जा रहे हैं प्रवासी मजदूर - अलर्ट जारी, मजदूरों को रेलवे ट्रैक से पकड़कर आश्रय स्थल भिजवा रही पुलिस ----------------------------------------------- माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। महाराष्ट्र के औरंगाबाद में ट्रेन की चपेट में आकर हुई कई प्रवासी मजदूरों की मौत की घटना के बाद से देश मे हड़कंप मचा हुआ है। घटना से सबक लेते हुए गाजियाबाद में भी रेलवे ट्रैक पर चौकसी बढ़ा दी गई है। पुलिस सड़क से लेकर रेलवे लाइन तक दिन-रात गश्त कर रही है। इस दौरान पैदल पलायन करने करने वाले मजदूरों को पकड़कर आश्रय स्थल भेजा जा रहा है। इसके अलावा प्रशासनिक अफसरों ने सभी मजदूरों से अपील की है कि वे जहां हैं वहीं रहें। उन्हें उनके मूल घर तक भेजने के इंतजामात किए जा रहे हैं। जहां एक तरफ हरियाणा और दिल्ली से आने वाले प्रवासी मजदूर पुलिस की परेशानी बढ़ाए हुए हैं। वहीं जनपद में रहने वाले मजदूर भी घर जाने के लिए पुलिस को ही कॉल कर रहे हैं। मजदूर जिस भी थानाक्षेत्र में रहते हैं वह उसी थाने के प्रभारी को कॉल कर पूछ रहे हैं कि वे अपने घरों तक कैसे जाएं। पूछते हैं कि बस कहां से मिलेगी और ट्रेन कब तक चलेगी। हर एक मजदूर की पीड़ा सिर्फ एक है कि साहब हमें हमारे घर भिजवा दो। हालांकि मजदूरों के इन सवालों का थाना प्रभारी के पास कोई भी जवाब नहीं, फिर भी थाना प्रभारी मजदूरों को जल्द घर भेजने का भरोसा देकर धैर्य बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। सड़क पर बड़ी सख्ती तो मजदूरों ने पकड़ लिया रेलवे ट्रैक... प्रवासी मजदूरों का कहना है कि बस और ट्रेन न मिलने पर मजबूरन उन्हें पैदल ही अपने घरों के लिए निकलना पड़ा। पहले उन्होंने सड़क का रास्ता चुना था, लेकिन उनके रास्ते में पुलिस रोड़ा बन गई। जिसके बाद उन्होंने छिपते-छिपाते रेलवे ट्रैक की राह पकड़ ली। अब रेलवे ट्रैक पर भी पुलिस का कड़ा पहरा है। जिसकी वजह से वे अपने घरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। मजदूरों ने अफसरों से घर भिजवाने के इंतजाम कराने की गुहार लगाई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि मजदूरों को पकड़ कर आश्रय स्थल भेजा रहा है। वहां सभी मजदूरों की जानकारी कर उन्हें उनके घरों तक भेजने के इंतजाम किए जा रहे हैं। वर्जन .... अन्य प्रदेश के लोगों को घर भेजने के लिए रोडवेज की सेवा लगातार जारी है। बृहस्पतिवार को 32 बसें राजस्थान के लिए भेजी गईं। इसके अलावा 50 बसें ग्रेटर नोएडा को भी दी गई हैं। बाहरी जिलों में राज्यों के लोगों की सूची तैयार की जा रही है। प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। - एके सिंह, एआरएम वर्जन ... जिले में लॉक डाउन का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। औरंगाबाद की घटना के बाद रेलवे ट्रैक पर चौकसी बढ़ा दी गई है। जो प्रवासी मजदूर आश्रय स्थल में रोके गए हैं, प्रशासन के आदेश के बाद उन्हें उनके घरों को भेजा जाएगा। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी