भूकंप के झटके महसूस करने के बाद शालीमार गार्डन में घर से बाहर खड़े लोग। जागरूक पाठक
गाजियाबाद/साहिबाबाद। भूकंप के झटके मंगलवार दोपहर गाजियाबाद में भी लगे। दोपहर करीब 2:52 पर भूकंप महसूस करते ही वैशाली, इंदिरापुरम, कौशांबी, राजनगर एक्सटेंशन, क्रॉसिंग रिपब्लिक की बहुमंजिला आवासीय सोसायटियों में रहने वाले लोग फ्लैटों से बाहर निकल आए। दफ्तरों में भी यही आलम रहा। लंच कर रहे कई लोगों ने मेज पर रखे गिलास में पानी को हिलते देखा तो भूकंप का अहसास हुआ। इसके बाद वह खाना बीच में ही छोड़ बिल्डिंग से बाहर निकल आए। डर की वजह से भूकंप के झटके थमने के काफी देर बाद लोग अपने फ्लैटों और कार्यालय में लौटे।
गाजियाबाद में 10 सेकेंड के बीच दो बार झटके महसूस किए गए। शिखर एंकलेव निवासी संदीप गुप्ता ने बताया कि भूकंप के झटके इतने तेज थे कि खाने की मेज पर रखा गिलास हिलने लगा। ऊपर देखा तो ड्राइंग रूम में लगा झूमर हिल रहा था। तुरंत परिवार के सभी सदस्यों बाहर निकाला। सोसायटी के अन्य लोग भी कुछ देर के लिए नीचे पार्क में चले गए थे और वहीं ठहरे रहे। महिलाएं और बच्चे काफी देर तक सोसायटी पार्क में खड़े रहे। शालीमार गार्डन मंगल पांडेय चौक की दुकानों में कार्य कर रहे लोग भूकंप के झटके महसूस होते ही दुकानों से बाहर निकल आए। बाहर काफी देर तक रुक कर लोग वापस दुकानों में गए। स्थानीय निवासी जुगल किशोर ने बताया कि भूकंप महसूस होते ही उनका परिवार भी बाहर निकल आया। उन्होंने स्वयं बहुत से लोग को भूकंप के प्रति आगाह किया और अन्य लोग भी चंद्रशेखर पार्क में एकजुट हुए। राजनगर एक्सटेंशन की सोसायटियों के लोग भी फ्लैटों से निकलकर पार्क में पहुंच गए। केडब्ल्यू सृष्टि निवासी प्रियंका ने बताया कि भूंकप का पहला झटका आते ही उन्हें पता चल गया था, इसके बाद वह तत्काल सीढि़यों से ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचीं। डर की वजह से थोड़ी ही देर में कई अन्य लोग भी आ गए थे। हालांकि तब तक भूंकप के झटके थम गए थे, लेकिन दोबारा भूंकप आने की आशंका की वजह से वह करीब 15-20 मिनट तक फ्लैटों में नहीं लौटे।