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Ghaziabad News: एक और विधायक ने कहा, मेरे सुरक्षाकर्मी भी हटाए

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 सुनील शर्मा के आवास पर हुई बैठक में मौजूद मंत्री, संसद व विधायक।
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गाजियाबाद। लोनी के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के बाद अब शनिवार को मुरादनगर के भाजपा विधायक अजीत पाल त्यागी ने कहा है कि अफसरों ने उनके सुरक्षाकर्मी भी हटा लिए हैं। उन्हें छह गनर मिले हुए थे। चुनाव के दौरान 23 अप्रैल को चार हटा दिए गए। अब सिर्फ दो बचे हैं। वे भी ड्यूटी के नाम पर औपचारिकता कर रहे हैं।
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विधायक का कहना है कि दोनों सुरक्षाकर्मी उनके आवास पर आते हैं और फोटो खींचकर चले जाते हैं। इसके बाद अधिकारी उनसे लिखवाकर ले लेते हैं कि विधायक आवास पर नहीं मिले। विधायक का कहना है कि वह इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे। उनके परिवार में तीन हत्या हो चुकी हैं। उन पर जानलेवा हमला भी हो चुका है। इसके बावजूद सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है।
अजीतपाल त्यागी से पहले ठीक इसी तरह का दावा नंद किशोर गुर्जर ने किया था। इस पर पुलिस की ओर से बयान जारी किया गया था कि उनका कोई सुरक्षाकर्मी नहीं हटाया गया है। इसके बाद नंद किशोर ने अपर मुख्य सचिव गृह को पत्र लिखकर कहा कि पुलिस अधिकारी विपक्षियों के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं।
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विधायक और मंत्री बोले,
सीएम से करेंगे शिकायत
किसी ने कहा गनर के मुद्दे पर हुई चर्चा तो किसी ने कहा विकास पर
गाजियाबाद। विधायकों के गनर हटाए जाने का दावा किए जाने के मुद्दे पर शुक्रवार की रात काबीना मंत्री सुनील शर्मा के आवास पर बैठक हुई। लोनी, मुरादनगर, धौलाना के विधायक और मंत्री सुनील शर्मा का कहना है कि बैठक में तय हुआ है कि इस मुद्दे पर सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर शिकायत की जाएगी।
नंद किशोर गुर्जर ने बैठक के बारे में बताया कि इसमें गनर हटाए जाने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही जनपद की कानून व्यवस्था पर बात हुई। दोनों मामलों पर सीएम से शिकायत की जाएगी। उनका कहना है कि उन्हें दुबई और पाकिस्तान से धमकी भरे फोन आ चुके हैं।

धौलाना के भाजपा विधायक धर्मेश तोमर का कहना है कि विधायकों के गनर हटाए जाने का मामला गंभीर है। यह एक तरह से विधायकों को अपमानित किए जाने की तरह है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधायक अजीत पाल त्यागी ने भी बैठक में इसी मुद्दे पर चर्चा होने की बात कही है।
सामान्य बैठक थी
चुनाव पर चर्चा हुई
काबीना मंत्री सुनील शर्मा का कहना है कि यह सामान्य बैठक थी। इसमें विकास कार्यों और चुनाव पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान विधायकों के गनर हटा दिए जाने का मामला भी उठा। इस पर समय देखकर पुलिस के उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी। कानून व्यवस्था पर शिकायत करने जैसी कोई बात नहीं हुई। प्रदेश की कानून व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है।


चाय पर चर्चा हुई, बैठक नहीं थी

राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप का कहना है कि सुनील शर्मा के आवास पर कोई बैठक नहीं हुई। केवल चाय पर चर्चा हुई। इसमें विधायकों के गनर हटाए जाने जैसा कोई मुद्दा उठा या नहीं उठा, इसकी जानकारी नहीं है। कानून व्यवस्था के बारे में तो सभी जानते हैं कि पहले से बेहतर हुई है। गाजियाबाद में भी और पूरे प्रदेश में भी। यही हमारे किसी सहयोगी को कोई शिकायत है तो उसका समाधान कराया जाएगा।


शहर के विकास पर हुई चर्चा

नव निर्वाचित भाजपा सांसद अतुल गर्ग ने कहा कि सभी विधायक और मंत्री परिवार की तरह हैं। हम लोग आपस में एक दूसरे के यहां औपचारिक बैठक कर मिलते रहते हैं। गनर हटाने, कानून व्यवस्था या मुख्यमंत्री से शिकायत करने जैसी कोई बात नहीं हुई। अगर ऐसी कोई बात हुई हो तो उन्हें याद नहीं है। शहर के विकास और चुनावी चर्चा जरूर हुई थी।



विधानसभा चुनाव के बाद
एसएसपी पर गिरी थी गाज
जैसे भाजपा के विधायकों ने अब लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद पुलिस अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोला है, ठीक वैसे ही 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद तत्कालीन एसएसपी पवन कुमार को हटाने के लिए लामबंदी की थी। कुछ दिन बाद ही पेट्रोल पंप कर्मचारियों से लूट हो गई। इस मामले में सीएम ने पवन कुमार को निलंबित कर दिया। तब यही माना गया था कि पवन कुमार पर इस कार्रवाई की एक वजह भाजपा नेताओं की उनसे नाराजगी भी रही। देखना यह है कि इस बार शासन का क्या रुख रहता है।
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