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Ghaziabad News: प्रभारी मंत्री और राज्यसभा सांसद के सामने फूटा गुस्सा, विधायक के खिलाफ नारेबाजी

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साहिबाबाद। फाइनेंसर दीक्षित पाल की हत्या में बुधवार को परिजनों ने मोहन नगर के आईटीएस कॉलेज में समाज कल्याण राज्यमंत्री व प्रभारी मंत्री असीम अरुण के सामने विधायक सुनील शर्मा के खिलाफ नारेबाजी की। गुस्साए लाेगों ने प्रभारी मंत्री से नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी, फरार परिजनों से जल्द पूछताछ और निष्पक्ष जांच की मांग की। इस बीच लोगों ने पोस्टर से भी न्याय की अपील की। दोपहर एक बजे प्रभारी मंत्री असीम अरुण कॉलेज परिसर में भाजपा के वोटर चेतना महाभियान के तहत जिला कार्यशाला में शामिल हुए थे। इसमें जिला संगठन के 100 से ज्यादा कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। तभी दीक्षित पाल के परिजन और स्थानीय लोगों ने न्याय की मांग और विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने विधायक हाय-हाय के नारे लगाए। सुरक्षा गार्डों ने कालेज के गेट के अंदर जाने से रोक दिया। इस पर उनका गुस्सा बढ़ गया। पार्टी कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप के बाद उन्हें अंदर जाने की अनुमति मिली। नाराज लोग सभागार में चल रही कार्यशाला के बाहर इकट्ठा हो गए। उन्होंने हाथ में तख्ती लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। करीब डेढ़ बजे राज्यसभा सदस्य डॉ. अनिल अग्रवाल कार्यक्रम से बाहर निकले। भाई मंजीत ने कहा कि दीक्षित पाल भाजपा युवा मोर्चा के अर्थला मंडल में मंत्री था, लेकिन किसी पार्टी के किसी जनप्रतिनिधि या पदाधिकारियों ने उनके घर आकर सांत्वना नहीं दी, जबकि अन्य पार्टी के लोग उन्हें सांत्वना देने लगातार पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि हत्याकांड में पुलिस ने केवल नामजद आयुष को गिरफ्तार किया। उसके अलावा हिंमाशु बैसला, विक्की और विशाल पाल को एक बार पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। प्रभारी मंत्री और राज्यसभा सांसद दोनों ने कहा कि दीक्षित की हत्या गंभीर प्रकरण है। उन्होंने जांच कराकर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
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