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उमस भरी गर्मी में मास्क के गीला होने से बढ़े एलर्जी के मामले  

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उमस भरी गर्मी में मास्क के गीला होने से बढ़े एलर्जी के मामले   - बरसात के मौसम में अतिरिक्त मास्क साथ लेकर चलें - मास्क के निस्तारण और विसंक्रमण का भी रखें ध्यान  माई सिटी रिपोर्टर  गाजियाबाद।  मानसून सक्रिय होने के बाद बारिश तो हो नहीं रही है, लेकिन उमश भरी गर्मी से लोगों की हालत खराब हो रही है। ऐसे में उमस भरी गर्मी में पसीने व प्रदूषण से मास्क लोगों के मुंह व नाक की एलर्जी का कारण बन रहे हैं। जिला अस्पताल एवं डर्मेटोलॉजस्टि के पास प्रतिदिन 15 से बीस मामले ऐसे आ रहे हैं जो मुंह व नाक में एलर्जी से परेशान हैं, लेकिन उन्हें इसका कारण नहीं पता, जबकि वह नियमित तौर  पर मास्क लगा रहे हैं।  सीएमओ डा. एनके गुप्ता का कहना है कि यदि मास्क गीला हो जाए तो उसे तुरंत बदलना जरूरी है। इसलिए बेहतर हो कि बाहर निकलते समय अतिरिक्त मास्क अपने साथ सुरक्षित रखें। ध्यान रहे कि गीला हुआ मास्क इधर-ऊधर न फेकें । उसके लिए घर से एक अलग थैला लेकर चलें और गीला मास्क उसमें रखने के बाद हाथों पर सैनिटाइजर लगा लें। उसके बाद साफ मास्क मुंह पर लगाएं। एक जुलाई से शुरू होने वाले दस्तक अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता व एएनएम संचारी रोगों के प्रति जागरूक करने के साथ ही मास्क को लेकर बरती जाने वाली विशेष सावधानियों के बारे में भी बताया जाएगा।  सीएमओ ने बताया प्रयोग किए गए मास्क को घर में पहुंचते ही डिटरजेंट घोल में कम से कम आधा घंटे के लिए डुबो दें। उसके बाद उसे गर्म पानी में धोकर चार से पांच घंटे तक धूप में सुखा दें। यदि प्रयोग किया गया मास्क धूप में न सुखाया गया हो तो उसे इस्त्री (प्रेस) करने के बाद ही प्रयोग करें। पुरुष गमछे और महिलाएं अपने दुपट्टे का प्रयोग भी मास्क की तरह कर सकती हैं लेकिन ध्यान रहे कि उसे खोलकर बार-बार मुंह न पोछें। केवल घर पहुंचने पर ही मुंह पर बांधे गए गमछे और दुपट्टे को खोलें और सीधे डिटरजेंट के घोल में डाल दें। इधर उधर रखने पर वह सतह को संक्रमित कर सकता है। यदि आप डिस्पोजेबल मास्क इस्तेमाल करते हैं तो उसे किसी ढक्कनबंद डस्टबिन में ही डालें, इधर-उधर न फेंकें। डर्मेटोलॉजिस्ट डा. भावुक मित्तल का कहना है कि अच्छा हो कि घर में बने सूती कपड़े के मास्क का इस्तेमाल करें। इसके लिए सूती कपड़ा लेकर तीन लेयर वाला मॉस्क तैयार कर लें। उसकी माप के बारे में सुनिश्चित कर लें ताकि मास्क मुंह और नाक को अच्छी तरह से ढक ले। प्रयास करें कि घर में तैयार किए गए मास्क को एक बार विसंक्रमित करने के बाद ज्यादा से ज्यादा आठ घंटे तक ही इस्तेमाल करें। उसके बाद मास्क बदल लें। यह बात हमेशा ध्यान रखनी है कि मास्क चेहरे पर लगाने से पहले हाथों को अच्छी तरह से विसंक्रमित करना जरूरी है। हाथों को विसंक्रमित करने के लिए कम से कम 40 सेकंड तक साबुन-पानी से धोएं या फिर 70 प्रतिशत एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का प्रयोग करें। प्रयास करें कि चेहरे और नाक के सामने रहने वाली मास्क की सतह को न छुएं, मास्क लगाने और उतारने के लिए केवल मास्क में लगी डोरी ही पकड़ें। ------------- आशुतोष यादव 
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