रैपिडएक्स स्टेशन पर यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। स्टेशन के प्रवेश द्वार से लेकर प्लेटफॉर्म तक अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध हैं। यात्रियों को किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
रैपिड रेल में 160 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति के साथ, ट्रेन के अंदर वातानुकूलित सुरक्षित और आरामदायक सीट के अलावा खड़े होकर यात्रा करने के लिए पर्याप्त स्थान है। इसके साथ ही लगेज रैक, सीसीटीवी कैमरे, लैपटॉप-मोबाइल चार्जिंग, डायनेमिक रूट मैप, ट्रेन की स्पीड मीटर सहित कई तरह की सुविधाएं मौजूद हैं। प्लेटफार्म पर ट्रेन के आने जाने की लगातार घोषणा के साथ जगह-जगह दिशासूचक बोर्ड लगाए गए हैं। यात्रियों के खाने-पीने की वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए प्लेटफार्म पर ऑटोमैटिक फूड वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं, यात्री स्कैन करके सामान ले सकेंगे। सभी रैपिडएक्स स्टेशन पर प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध है। आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस की भी व्यवस्था रहेगी।
स्टेशन के बाहर मिलेगी ऑटो फीडर सेवा
रैपिड स्टेशन के बाहर यात्रियों को ऑटो फीडर सेवा मिलेगी। यह ऑटो इलेक्ट्रिक है। स्पीड ट्रीप सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ संजय कुमार ने बताया कि शुरुआत में सभी रैपिड स्टेशन के बाहर 30 ऑटो रहेंगे। भविष्य में इसकी संख्या को बढ़ाकर 150 की जाएगी। ऑटो में चार सवारी यात्रा कर सकते हैं। यह स्टेशन के आसपास वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी, इंदिरापुरम, मोहननगर, साहिबाबाद सहित नौ किलोमीटर तक सुविधा देंगे। उन्होंने बताया कि अभी इसका किराया तय नहीं हुआ है। एनसीआरटीसी और एआटीओ के अनुसार किराया तय होगा। वहीं, दूसरी ओर यात्रियों की सुविधा के लिए ई-बस का भी जोड़ा जाएगा।
दो तरह के मिलेंगे यात्री कार्ड
रैपिडएक्स स्टेशन पर यात्रियों को यात्रा के लिए दो तरह के यात्री कार्ड की सुविधा दी गई है। इसमें नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) और रैपिडएक्स कार्ड होगा। एनसीएमसी कार्ड मेट्रो, डीटीसी बस, पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, शॉपिंग सहित डेबिट-क्रेडिट कार्ड की तरह उपयोग किया जा सकता है, जबकि रैपिडएक्स कार्ड से केवल रैपिड ट्रेन का सफर कर सकेंगे। इसके साथ ही टिकट काउंटर से टिकट और टिकट वेंडिंग मशीन से क्यूआर टिकट ले सकेंगे।
एआई से लैस है सुरक्षा व्यवस्था
स्टेशन के प्रवेश द्वार पर लगे लगेज स्कैनर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस हैं। इन स्कैनरों में एक डुअल-व्यू जनरेटर एक्स-रे बैगेज निरीक्षण प्रणाली है, जो स्कैनर के माध्यम से गुजरने वाले सामान की दोहरी स्क्रीनिंग करेगी। बैग के ऊपरी और निचले दोनों हिस्सों की तस्वीरें कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देंगी। यदि किसी यात्री के बैग में कोई संदिग्ध या प्रतिबंधित वस्तु स्कैन की जाती है, तो कन्वेयर बेल्ट स्वचालित रूप से बंद हो जाएगी।
आपातकाल में ट्रेन ऑपरेटर से बात कर सकेंगे यात्री
आपातकालीन स्थिति में ट्रेन ऑपरेटर से बात करने के लिए रैपिडएक्स ट्रेनों के प्रत्येक कोच में यात्री आपातकालीन संचार मशीन भी दी गई है। इसकी मदद से ट्रेन ऑपरेटर को समस्या बताई जा सकती है। इसके अलावा स्टेशन अधिकारियों से संपर्क करने के लिए यात्री प्लेटफार्म पर सीधे सहायता कॉल प्वाइंट का उपयोग कर सकते हैं। इसके बाद कर्मचारी सहायता करेंगे। यात्री रैपिडएक्स कनेक्ट मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से भी आपातकालीन सहायता ले सकते हैं।
-
प्रीमियम कोच में सुविधा स्टैंडर्ड कोच में मिलने वाली सुविधा
रिक्लाइनिंग सीटें होंगी आरामदायक सीटें होंगी, लेकिन रिक्लाइनिंग नहीं होंगी।
कोट आदि लटकाने के लिए सीट पर हुक होगा। मोबाइल चार्ज करने के लिए चार्जिंग प्वाइंट होगा।
मैग्जीन या फाइल होल्डर लगा होगा। दोनों तरह के कोच में आपातकाल में दरवाजा खोलने का बटन होगा।
प्रत्येक सीट के आगे हुक होल्डर लगा होगा। कोट आदि लटकाने के लिए हुक, मैग्जीन फोल्डर, विंडो स्क्रीन नहीं होगी।
धूप रोकने के लिए विंडो स्क्रीन लगाने का विकल्प होगा।
मोबाइल चार्जर प्वांइट होगा।
सभी ट्रेन में एक प्रीमियम कोच भी है। इसमें रिक्लाइनिंग सीटें, कोट हुक, मैगजीन होल्डर और फुटरेस्ट, स्पीड स्क्रीन सहित अन्य सुविधाएं हैं। दिल्ली से मेरठ की ओर जाने वाला पहला कोच और मेरठ से दिल्ली की ओर जाने वाला अंतिम कोच प्रीमियम कोच है। प्रीमियम कोच से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए प्लेटफार्म पर एक प्रीमियम लाउंज है। इसके माध्यम से ही प्रीमियम कोच में प्रवेश मिलेगा। आरामदायक गद्देदार सीटों से सुसज्जित, इस लाउंज में एक वेंडिंग मशीन की सुविधा है, जहां से खान-पान के सामान खरीदे जा सकते हैं।