गाजियाबाद। टिकट कटने से भाजपा में शुरू हुई अंतर्कलह को पार्टी के नेताओं ने थाने का प्रयास किया और काफी हद तक सफल भी हुए। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की टीम ने रूठे हुए 27 कार्यकर्ताओं को मनाकर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर दाखिल किए गए उनके नामांकन पत्र वापस कराने का दावा किया है। हालांकि पुराने शहर से लेकर हिंडन पार क्षेत्र के कई वार्ड में भाजपा से बगावत कर निर्दलीय उम्मीदवारी कर रहे कई कार्यकर्ता अभी भी चुनाव मैदान में हैं। यह कार्यकर्ता भाजपा प्रत्याशियों की चिंता बढ़ा सकते हैं। नगर निगम के 100 वार्डाें में भाजपा से करीब 21 सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने टिकट के लिए दावेदारी की थी। 100 कार्यकर्ताओं को टिकट मिले और दो हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं को निराशा हाथ लगी। इनमें कई निवर्तमान पार्षद भी शामिल हैं। सभी पात्रता पूरी करने के बावजूद टिकट कटने पर करीब 40 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने भाजपा के ही उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय या अन्य दलों से पर्चा दाखिल कर दिया था।
भाजपा संगठन ने इस पर मंथन किया और रूठे कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए वरिष्ठ नेताओं की टीमें बनाकर उनके घर भेजा। मेयर प्रत्याशी सुनीता दयाल ने भी रूठे कार्यकर्ताओं को मनाने का जिम्मा उठाया और बुधवार को वह कई कार्यकर्ताओं के घर गईं थीं। लोहिया नगर और शास्त्री नगर से निर्दलीय नामांकन दाखिल करने वाले भाजपा के कार्यकर्ताओं ने उनकी बात मानकर बृहस्पतिवार को नामांकन पत्र वापस ले लिया।
शहर विधायक अतुल गर्ग ने पूर्व पार्षद शेखर त्यागी को समझाकर नाम वापस लेने पर सहमत कर लिया। विधायक के कहने पर न केवल उन्होंने नाम वापस ले लिया, बल्कि भाजपा प्रत्याशी उदित मोहन के पक्ष में प्रचार करने का भी वादा किया। पूर्व मेयर अशु वर्मा ने वार्ड-14 से भाजपा की निवर्तमान पार्षद रहीं चंपा माहौर से वार्ता की। उन्होंने नामांकन पत्र वापस लेकर पार्टी के पक्ष में प्रचार करने की बात कही। पूर्व मेयर से वार्ता के बाद चंपा माहौर ने नामांकन पत्र वापस ले लिया है। इनके अलावा वार्ड-55 से तेजपाल नेगी, वार्ड-50 से नीरज चौधरी और वार्ड-81 से सतीश शर्मा ने भी पर्चा वापस ले लिया है।
मैदान में डटे उम्मीदवार बढ़ा सकते हैं टेंशन
अभी भी कई ऐसे उम्मीदवार चुनाव मैदान में डटे हैं जिन्होंने भाजपा से टिकट कटने पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल किया था। वार्ड-15 के निवर्तमान पार्षद कृपाल सिंह ने अपनी मां वीरमति का नामांकन पत्र दाखिल कराया था। उनका कहना है कि न तो उनके पास भाजपा की कोई टीम आई और न ही उन्होंने नामांकन पत्र वापस लिया है।
वह मजबूती से चुनाव लड़ेंगे। वार्ड-84 में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष विनीत शर्मा ने भी नामांकन पत्र वापस नहीं लिया है। भाजपा ने इस अनारक्षित वार्ड में ओबीसी वर्ग के प्रवीन चौधरी को टिकट दिया है। प्रवीन चौधरी पहले भी पार्षद रह चुके हैं। इनके अलावा भाजपा के पूर्व पार्षद अरुण जैन, कुसुम सिंह समेत कई अन्य ने भी नामांकन पत्र वापस नहीं लिया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने रूठे हुए कार्यकर्ताओं को मनाने का प्रयास किया है। 27 कार्यकर्ताओं ने अपना नामांकन पत्र वापस लेकर पार्टी हित में काम करने का फैसला लिया है। अन्य कार्यकर्ताओं को भी मनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- संजीव शर्मा, महानगर अध्यक्ष, भाजपा