मुरादनगर। मुठभेड़ में इनामी विशाल उर्फ मोनू के ढेर होने के बाद पुलिस की पांच टीम उसके साथी की तलाश में लगी हैं। पुलिस मुठभेड़ के दौरान फरार हुए साथी की पहचान करने में जुटी है।शुक्रवार दोपहर गंगनहर पटरी पर पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान 50 हजार के इनामी विशाल उर्फ मोनू को मार गिराया। पुलिस और बदमाशों की ओर से 16 राउंड फायरिंग हुई थी। चार राउंड फायरिंग पुलिस ने जबकि 12 राउंड बदमाशों की ओर से हुई थी। दो गोली मोनू की छाती में और एक पैर में लगी।
डीसीपी ग्रामीण जोन रवि कुमार ने बताया कि फरार बदमाश की तलाश में गंगनहर पटरी और आसपास के गांवों में बदमाश की तलाश में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा मोनू के अन्य साथी 50 हजार के इनामी अंकित की तलाश में पुलिस की टीम लगी है। पुलिस को आशंका है कि व्यापारी मुकेश गोयल की हत्या में मोनू के साथ उसका साथी अंकित था।
ताऊ के बेटे ने मोनू का किया अंतिम संस्कार
एनकाउंटर में मारे गए बदमाश मोनू के भाई विक्की पर भी 25 हजार का इनाम घोषित है, उसकी मां बीमार चल रही है, भाई की मौत की खबर सुनने के बाद भी बहन नहीं आई। पुलिस ने मोनू का शव उसके ताऊ के बेटे राजेंद्र सिंह के सुपुर्द किया। राजेंद्र सिंह ने परिवार व अन्य लोगों और पुलिस फोर्स की मौजूदगी में उखलारसी बंबा रोड स्थित श्मशान में अंतिम संस्कार किया। मोनू के अंतिम संस्कार में कम लोग शामिल हुए।
गिरवी रखी बाइक से की वारदात :
बताया गया है कि दिल्ली निवासी युवक ने अपनी बाइक मोनू के पास एक लाख रुपये में गिरवी रखी थी। इसी बाइक पर सवार होकर मोनू ने व्यापारी मुकेश गोयल की हत्या की थी। पुलिस मुठभेड़ के दौरान मोनू इसी बाइक पर सवार था। वहीं, जिस मकान के विवाद को लेकर मोनू ने व्यापारी की हत्या की थी, अब उस मकान पर ताला लटका है।
व्यापारी, ठेकेदार और मोनू के घर के बाहर पुलिस बल तैनात
इनामी बदमाश मोनू के पुलिस में मुठभेड़ में ढेर होने के बाद से रेलवे रोड पर पुलिस फोर्स तैनात किया गया। बदमाश मोनू के घर के बाहर भी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है, इसके अलावा व्यापारी मुकेश गोयल व विद्युत निगम ठेकेदार नवीन भारद्वाज के घर के बाहर भी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैला था नेटवर्क
इनामी मोनू का नेटवर्क पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैला हुआ था, सभी जिलों में उसने अपने गुर्गे बना रखे थे। बताया गया है कि मोनू वारदात को अंजाम देने के लिए मोटी रकम लेता था, जिसका हिस्सा अपने गुर्गों में भी बांटता था, गिरोह में कई शूटर भी है, जो मुजफ्फरनगर और बागपत के बताए जा रहे हैं। पुलिस मोनू के मोबाइल की सीडीआर निकलवाकर नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी में है।