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Ghaziabad News: दोस्त की हत्या कर लाश भाई की बताई...तीन साल बाद खुला राज

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गाजियाबाद। 21 फरवरी 2020 को विजयनगर में हुई मजदूर बबलू की हत्या का पुलिस ने बृहस्पतिवार को खुलासा किया तो चौंकाने वाला यह सच भी सामने आया तीन साल से केस बबलू नहीं, बल्कि उस सर्वेश की हत्या का चल रहा है, जो जीवित है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि सर्वेश के शातिर दिमाग हिस्ट्रीशीटर भाई कुन्नूलाल ने साथी ओम प्रकाश के साथ हत्या करने के बाद पुलिस की आंखों में धूल झोंककर लाश को बबलू की बता दिया था।
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उसने एक साथ दो साल चलीं थीं। एक तो हत्या को हादसा दिखाने की, जो खून से सना लोहे का पाइप पुलिस को मिल जाने से चल नहीं पाई। दूसरी, लाश को बबलू की जगह सर्वेश की बताने की ताकि बिल्डर से भाई की मौत का मुआवजा मिल जाए। अगर जेल से बाहर आने की कोशिश में उसने छह महीने पहले अदालत को चिट्ठी भेजकर सर्वेश के जीवित होने की जानकारी नहीं दी होती तो रहस्य से पर्दा उठ पाना अब भी मुश्किल था। ओम प्रकाश पहले ही जमानत पर बाहर आ चुका था। अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर फिर से जेल भेज दिया। कुन्नू लाल के जेल से बाहर आने से पहले ही सच सामने आ गया।
मोबाइल फोन से खुला राज : एसीपी नगर सुजीत राय ने बताया कि ओम प्रकाश को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि हत्या के बाद कुन्नूलाल ने एक मोबाइल फोन बिल्डिंग में ही दबा दिया था। पुलिस ने उसे बरामद किया। उसमें 23 नंबर मिले। इनमें से एक बबलू की सास का था। पुलिस ने फोन किया तो पता चला कि फोन बबलू का है। वह लखीमपुर खीरी के फरधान पिपरावां निवासी रामकुमार का बेटा था। पुलिस ने उसके परिजनों को बुलाया और सील किए गए कपड़े दिखाए। कपड़ों से उन्होंने बबलू की पहचान कर ली। इसके बाद कुन्नू लाल से जेल में पूछताछ की तो पता चला कि उसने मुआवजे के लिए बबलू की लाश को सर्वेश की बताया था।
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साजिश, कत्ल, शक, सुरागइ और खुलासा
कुन्नूलाल ने फरवरी 2020 के शुरू में ठेकेदार से कहकर दोस्त सर्वेश को मजदूरी पर रखवाया, लेकिन साजिश के तहत रिकॉर्ड में उसका नाम बबलू लिखवाया।
ओमप्रकाश से कहा कि बबलू की हत्या कर हादसे का रूप देंगे। लालच दिया कि बिल्डर से भाई की मौत का जो मुआवजा मिलेगा, उसे दोनों आधा-आधा बांट लेंगे।

ओमप्रकाश को यह नहीं बताया था कि जिस मजदूर की हत्या करनी है, वह उसका भाई बबलू नहीं, दोस्त सर्वेश है।
ओमप्रकाश के साथ मिलकर बबलू की हत्या कर दी और 26वीं मंजिल से लाश फेंक दी। शोर मचाया कि बबलू की इमारत से गिर जाने से मौत हो गई।
पुलिस को 26वीं मंजिल पर खून से सना लोहे का पाइप मिला। इससे पुलिस को शक हुआ कि यह हादसा नहीं, हत्या है।
घटना के वक्त कुन्नू लाल और ओम प्रकाश ही मौके पर मौजूद थे, दोनों ने पूछताछ में हत्या करना कुबूल किया, दोनों जेल भेजे गए।
आठ महीने बाद ओम प्रकाश की जमानत हो गई। छह महीने पहले कुन्नू लाल ने कोर्ट को चिट्ठी लिखकर कहा कि जिस सर्वेश की हत्या में वह जेल में बंद है, वह जीवित है ।
इसका पता चलने पर बिल्डर संजीव कोहली ने कुन्नू लाल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करा दिया। पुलिस ने ओम प्रकाश और कुन्नू लाल से पूछताछ की तो खुलासा हो गया।


पहले भी ऐसे ही कर चुका हत्या

एसीपी नगर ने बताया कि कुन्नू 2019 में इसी प्रकार से एक युवक की हत्या कर चुका है। उसे अपने परिवार का सदस्य बताकर पोस्टमार्टम भी करवा लिया था। बाद में शव गांव लेकर पहुंचा। वहां असली परिजनों के आ जाने पर लाश को छोड़कर फरार हो गया था। इसके अलावा कुन्नू ने 2009 में अपने ही चाचा की छह साल की बेटी की फावड़े से काट कर हत्या कर दी थी। यह लखीमपुर के मितौली थाना क्षेत्र से हिस्ट्रीशीटर है।

चेहरा कुचल दिया था मजदूर का : विजयनगर में प्रतीक कंस्ट्रक्शन की साइट पर कुन्नू लाल ने 26 वीं मंजिल पर पाइप से सिर फोड़कर बबलू की हत्या की। ईंट से उसका चेहरा कुचल दिया था ताकि पहचान में न आ सके। इसके बाद उसने और ओम प्रकाश ने लाश को 26वीं मंजिल से नीचे फेंक दिया था। कुन्नू लाल और ओम प्रकाश लखीमपुर खीरी के हैं। इसी जिले के पिपरवा निवासी बबलू को दोनों पहले से जानते थे


तीन साल तक परिवार करता रहा बबलू का इंतजार

बबलू की पत्नी, उसकी दो बेटी और एक बेटा तीन साल से उसके आने का इंतजार कर रहे थे। पत्नी सोच रही थी वह कहीं मजदूरी कर रहे होंगे। मंगलवार रात जब गाजियाबाद पुलिस ने पहचान के लिए उनसे संपर्क किया तो उन्हें पता चला कि बबलू की हत्या हो चुकी है। एसीपी नगर सुजीत राज ने बताया कि बबलू के परिवार में उसकी पत्नी संगीता, मां उर्मिला, छोटा भाई विजय और दो बेटी व एक बेटा है। प्रेसवार्ता के दौरान बबलू की पत्नी संगीता ने बताया था कि बबलू चार साल पहले लखीमपुर से मजदूरी करने के लिए दिल्ली एनसीआर में आया था। बबलू उनसे कुन्नू के मोबाइल से अक्सर बात करते थे। अचानक से उनसे संपर्क टूट गया। उन्होंने संपर्क करने का काफी प्रयास किया लेकिन नहीं हो सका। बबलू की मां उर्मिला ने बताया कि उनके पति रामकुमार की मौत के बाद बेटा मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण कर रहा था। बबलू का छोटा भाई विजय गांव में मजदूरी करता है।
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