समिति की काउंसलिंग में नाबालिग ने यह खुलासा किया। पीड़िता ने बताया कि उसके मां, बाप का निधन हो गया है। छह महीने पहले से ही वह किठौर क्षेत्र में अपनी बुआ के घर रह रही थी। बुआ की बेटी की किसी कारणवश मौत हो गई। उसके तीन बच्चे थे, उनकी परवरिश के लिए बुआ ने उसे अपनी बेटी की ससुराल जाने का दबाव बनाया। जब उसने इनकार किया तो उसकी पिटाई की गई।
पीड़िता ने बताया कि उसका विवाह बुआ ने अपने दामाद से तय कर दिया। सोमवार को विवाह की तारीख रखी गई, किसी तरह पीड़िता वहां से भाग निकली और बहादुरगढ़ क्षेत्र में रह रही अपनी दूसरी बुआ के घर आ गई। इसी बीच किसी ने न्यायपीठ बाल कल्याण समिति को सूचना दे दी। रविवार रात में करीब 11 बजे टीम नाबालिग को अपने साथ ले आई।
टीम के एक सदस्य ने बताया कि पीड़िता को वापस ले जाने के लिए करीब 50 से अधिक लोग आए थे। लेकिन पुलिस और टीम को देख वह लौट गए, काउंसलिंग के बाद नाबालिग को उसकी बहादुरगढ़ में रहने वाली बुआ के सुपुर्द कर दिया। साथ ही पुलिस को मेडिकल जांच कराने के आदेश दिए।
डीएम को मामले से कराया अवगत
नाबालिग की शादी होने की सूचना पर रात में ही उसे सुपुर्दगी में ले लिया गया था। काउंसलिंग में किशोरी ने कई गंभीर आरोप लगाए, इस मामले से डीएम को अवगत कराया गया है। साथ ही आगामी विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।--अभिषेक त्यागी, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति।
मामला संज्ञान में आया
मामला संज्ञान में आया है, नाबालिग को सीडब्ल्यूसी की टीम अपने साथ ले गई। मामले में जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -स्तुति सिंह, सीओ गढ़।