गाजियाबाद। कानपुर में न्यायाधीश और अधिवक्ताओं के बीच हुए विवाद के बाद कचहरी में दूसरे दिन अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। इस कारण से कई महत्वपूर्ण मामलों में सुनवाई नहीं हो सकी। लगभग दस हजार मामलों में तारीख लग गई। शुक्रवार को आंबेडकर जयंती होने से अदालत में अवकाश रहेगा।बृहस्पतिवार को सारा सिंह मौत प्रकरण में भी गवाही के लिए आगरा के डॉ. शरद चड्ढा अदालत में उपस्थित हुए, गवाही नहीं हो सकी। मामले में डॉ चड्ढा 62 वें गवाह है। मामले में लगभग ढाई सौ गवाही होनी है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 28 अप्रैल की तारीख लगाई है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता नवनीत त्यागी बयाना ने बताया कि पूर्व विधायक अमनमणि त्रिपाठी 9 जुलाई 2015 को अपनी पत्नी सारा सिंह के साथ कार से दिल्ली जा रहे थे। फिरोजाबाद के सिरसागंज में कार दुर्घटना ग्रस्त हो गई थी। इसमें सारा सिंह की मृत्यु हो गई थी, जबकि अमन मणि त्रिपाठी को खरोंच तक नहीं आई थी। इस मामले का पता चलते ही सारा की मां सीमा सिंह ने अमन मणि त्रिपाठी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने केस की जांच सीबीआई कराने की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अदालत के आदेश के बाद जांच कर सीबीआई ने मृतका सारा के पति अमनमणि को हत्यारोपी बनाया है।