गाजियाबाद। शहर में लगातार गिर रहे भूजल स्तर की रोकथाम के लिए नगर निगम और लघु सिंचाई विभाग शुक्रवार से सीलिंग और जुर्माने की कार्रवाई करेगा। बृहस्पतिवार को महापौर सुनीता दयाल ने निगम के जलकल विभाग और लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरिओम सिंह के साथ बैठक कर अवैध जल दोहन करने वाले प्लांटों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रतिदिन की कार्रवाई की रिपोर्ट शाम तक देनी होगी।
महापौर ने निर्माण विभाग, पशु चिकित्सा विभाग एवं लघु सिंचाई विभाग की टीम को पुलिस बल के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शहर की हर गली में अवैध पानी के प्लांट लगे हुए हैं जो जल दोहन कर रहे हैं। पानी के टीडीएस के माप को भी कम करके अवैध तरीके से पानी बेचा जा रहा है। ऐसे ही शहर में अवैध डेयरी भी बहुत अधिक मात्रा में हैं जो गोबर को नाले व सीवर में बहाने के लिए सबमर्सिबल के माध्यम से जलदोहन कर रहीं हैं, जिससे नाले भी चोक हो रहे हैं। तमाम फार्म हॉउस, छोटी बड़ी फैक्टरी, कारखाने आदि भी जलदोहन कर रहे हैं। हार्वेस्टिंग के जरिए दूषित पानी, केमिकलयुक्त पानी को भूजल में मिला रहे हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जीएम जल केपी आनंद व लघु सिंचाई अधिशासी अभियंता ने महापौर को आश्वासन दिया कि दिन में 8-10 प्लांटों को सील करके कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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870 के पास ही एनओसी
लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरिओम सिंह का कहना है कि 2020 से अभी तक 870 संस्थानों को ही एनओसी जारी की गई है। किसी भी आरओ प्लांट को एनओसी नहीं दी गई है। जिन्हें एनओसी दी गई है उनमें ज्यादातर उद्योग हैं। इसके अलावा किसी भी डेयरी संचालक को एनओसी नहीं दी गई है।
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1200 से अधिक बरातघर
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर में 1,200 से अधिक बरात घर, 2,000 से अधिक डेयरी संचालित हैं।
नाले में गोबर डालने वाले डेयरी संचालकों के पशु होंगे जब्त
नाले में गोबर डालने वाले डेयरी संचालकों के पशुओं को जब्त करने के निर्देश महापौर ने दिए हैं। उन्होंने टीम को ऐसी डेयरियों को चिन्हित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को टीम सुबह 11 बजे से पसौंडा, अशोक नगर, भोपुरा, विजयनगर, लाजपत नगर, शालीमार गार्डन, डीएलएफ कॉलोनी, गोविंदपुरम, नंदग्राम, शहीदनगर व अन्य स्थानों पर कार्रवाई करेगी।