नगर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती को गांव के ही युवक आरिफ ने शादी का झांसा देकर छह माह तक दुष्कर्म किया। जिससे वह गर्भवती हो गई और बाद में आरोपी ने निकाह करने से इंकार कर दिया। बाद में युवती ने एक पुत्री को जन्म दिया, जिसका डीएनए टेस्ट कराने पर वह आरोपी के डीएनए से मिलान कर गया। वहीं, अब अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय वरुण मोहित निगम के न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए दस वर्ष का कारावास व 20 हजार का अर्थदंड सुनाया है।
नगर कोतवाली के एक गांव निवासी व्यक्ति ने सात दिसंबर 2012 को कोतवाली नगर में तहरीर दी। जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी पुत्री को गांव के ही युवक आरिफ ने अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। साथ ही आरोपी ने उसे निकाह का झांसा देकर छह माह तक दुष्कर्म करता रहा। जिससे उनकी पुत्री गर्भवती हो गई। जब उनकी पुत्री पांच माह की गर्भवती हुई तो आरोपी से निकाह करने का दबाव बनाया।
लेकिन, आरोपी ने शादी करने से इंकार कर दिया। साथ ही भविष्य में हत्या करने की धमकी दी। जिसके बाद पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। बाद में उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जांच पूरी कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी।
साथ ही बाद में उनकी पुत्री ने एक पुत्री को जन्म दिया। जिसका बाद में डीएनए आरोपी के डीएनए से मिलान कराया गया। लैब से दोनों की रिपोर्ट में मिलान होना पाया गया। न्यायालय में आरोपी को दोष सिद्ध करने के लिए यह भी एक अहम कदम साबित हुआ।
वहीं, अब न्यायालय ने मामले में दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियुक्त को दोषी करार दिया है। साथ ही अर्थदंड की राशि न्यायालय में जमा होने के बाद पीड़िता को आरटीजीएस के माध्यम से जमा करने के आदेश भी दिए गए हैं।