गाजियाबाद। कमिश्नरेट पुलिस यातायात व्यवस्था सुधारने के प्रयास में जुटी है लेकिन हादसों में कमी नहीं आ रही है। वर्ष 2023 की तुलना में 2024 में सड़क हादसों तो बढ़े ही हैं। इन हादसों में घायल व मरने वालों की संख्या भी बढ़ गई है। वहीं, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हादसों में कमी आई है। पिछले साल से छह माह के तुलनात्मक आंकड़ों के हिसाब से कमिश्नरेट में 10 फीसदी हादसे बढ़ गए और इनमें 24 फीसदी मौत का आंकड़ा बढ़ गया है।
2023 में जनवरी से जून तक पूरे कमिश्नरेट में 475 हादसे हुए और इनमें 160 लोगों की मौत व 338 लोग घायल हुए जबकि 2024 में जनवरी से जून तक ही 523 हादसों में 199 लोगों की मौत और 412 लोग घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार, इनका मुख्य कारण लोगों द्वारा यातायात नियमों का पालन नहीं करना सबसे बड़ी समस्या है। वहीं, अधिकांश हादसे तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन दौड़ाना, नशे में चलाना और एक्सप्रेसवे या हाईवे पैदल पार करने के कारण हो रहे हैं।
एसीपी यातायात जियाउद्दीन का कहना है कि लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जहां अधिकांश हादसे हो रहे हैं, उन जगहों को चिन्हित करके हादसों का कारण जानकर उसका निस्तारण करने का प्रयास किया जा रहा है। हादसों को कम करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर घटे, पेरिफेरल पर बढ़े
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर साल दर साल हादसों में कमी आई है। पहले एक्सप्रेसवे पर लोग प्रतिबंधित वाहनों को दौड़ा रहे थे, जिससे हादसे हो रहे थे। इन्हें रोकने के लिए पुलिस आयुक्त ने गाजियाबाद की सीमा में एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट पर यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी और प्रतिबंधित वाहनों को रोका गया और इनके चालान की कार्रवाई की गई। एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित वाहन का 25 हजार रुपये का चालान है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 2022 में जनवरी से जून तक 45 तो 2023 में 29 व 2024 केवल आठ हादसे हुए। वहीं, पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर 2022 में जनवरी से जून तक 20 तो 2023 में आठ व 2024 में 11 हादसे हुए।
ये मुख्य कारण आए सामने
- तेज रफ्तार में दौड़ा रहे वाहन
- उल्टी दिशा में दौड़ा रहे वाहन
- शराब के नशे में दौड़ा रहे वाहन
- बड़े वाहनों को ओवरटेक के चक्कर में साइड लगने से चपेट में आ रहे
- एक्सप्रेसवे प्रतिबंधित वाहन(नो एंट्री)दौड़ा रहे
- एक्सप्रेसवे की लेन पैदल पार कर रहे(फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल नहीं कर रहे)
जिले में हुए हादसों का आंकड़े
हादसे
माह 2022 2023 2024
जनवरी 51 89 80
फरवरी 79 68 94
मार्च 67 73 92
अप्रैल 62 77 91
मई 80 79 99
जून 57 89 67
मौत
माह 2022 2023 2024
जनवरी 22 26 34
फरवरी 35 25 35
मार्च 23 26 36
अप्रैल 25 23 29
मई 43 24 38
जून 24 36 27
घायल
माह 2022 2023 2024
जनवरी 38 69 45
फरवरी 63 51 64
मार्च 52 42 81
अप्रैल 42 64 70
मई 50 52 80
जून 42 60 72
एक्सप्रेसवे पर हो रहे हादसों का आंकड़ा
हादसे
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
माह 2022 2023 2024 2022 2023 2024
जनवरी 1 10 2 3 0 0
फरवरी 8 8 2 3 1 3
मार्च 11 2 2 2 0 2
अप्रैल 9 3 1 4 2 0
मई 10 2 1 5 2 5
जून 6 4 0 3 3 1
मौत
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
माह 2022 2023 2024 2022 2023 2024
जनवरी 0 6 2 2 0 0
फरवरी 4 4 3 2 1 0
मार्च 2 1 3 1 0 0
अप्रैल 7 1 1 3 2 0
मई 8 2 1 3 1 1
जून 1 6 0 2 3 6
घायल
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
माह 2022 2023 2024 2022 2023 2024
जनवरी 1 10 0 2 0 0
फरवरी 6 4 2 1 1 0
मार्च 14 1 10 2 0 1
अप्रैल 3 5 0 3 1 0
मई 3 1 8 2 2 4
जून 13 1 0 1 0 28