गाजियाबाद। सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों को आधार कार्ड भी साथ में लाना होगा, ताकि स्वास्थ्य कर्मी मरीज के आयुष्मान गोल्डन कार्ड की जानकारी कर उन्हें सामान्य से प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर अलग से इलाज किया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इलाज की व्यवस्था निशुल्क होने से मरीजों के गोल्डन कार्ड के बारे में जानकारी नहीं हो पाती है। जबकि शासन से निर्देश आया है कि अधिक से अधिक संख्या में आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया जाए।
एमएमजी अस्पताल में लगभग दो हजार से अधिक नए और पुराने मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं। वहीं संयुक्त अस्पताल में आठ सौ से नौ सौ मरीज पहुंचते हैं। शुक्रवार को 1684 नए मरीजों का पंजीकरण किया गया। इनमें 776 महिलाएं, 665 पुरुष और 243 बच्चे थे। अस्पताल में 94 मरीजों को भर्ती किया गया। जबकि संयुक्त अस्पताल में 844 मरीजों का पंजीकरण हुआ था। इनमें सबसे अधिक बुखार के मरीजों की संख्या 589 थी।
एमएमजी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में मरीजों को भर्ती करते समय अब आधार नंबर भी लिया जाएगा। उसे फॉर्म (बीएसटी) और रजिस्टर पर दर्ज किया जाएगा। इसके बाद आधार नंबर से मरीज का नाम आयुष्मान सूची में सर्च किया जाएगा, मरीज का आयुष्मान गोल्डन कार्ड होगा तो प्राइवेट वार्ड की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा मरीजों की सुविधा के लिए कमरा नंबर-23 आयुष्मान मित्रों को आवंटित कर दिया गया है। कोई भी मरीज आयुष्मान से संबंधित जानकारी इस कमरे में कर सकता है।