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Bull Attack: खेत पर काम करने जा रहे मजदूर को छुट्टा सांडों ने पटककर मार डाला, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

Sun, 25 Sep 2022 10:47 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अनूपशहर (बुलंदशहर)

सार

धर्मसिंह की पत्नी कमलेश दिव्यांग हैं। पति की मौत के बाद से कमलेश व परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। धर्मसिंह घर का इकलौता कमाने वाला था। मौत के बाद दिव्यांग पत्नी के अलावा दो छोटी-छोटी बच्चियों के भरण पोषण की समस्या उत्पन्न हो गई है। 
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सांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खेत पर काम करने जा रहे मजदूर धर्म सिंह को छुट्टा सांडों ने पटककर मार डाला। घटना रविवार सुबह अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के फैजपुरा गांव में हुई। धर्म सिंह की मौत के बाद दिव्यांग पत्नी और दो मासूम बच्चे बेसहारा हो गए हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

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फैजपुरा गांव निवासी धर्म सिंह खेतों में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। रविवार सुबह वह मऊ गांव के एक खेत में मजदूरी करने के लिए जा रहे थे। रास्ते में दो-तीन छुट्टा सांड लड़ रहे थे। जैसे ही वहां धर्मसिंह पहुंचे, सांडों उन पर हमला कर दिया। उन्हें उठाकर पटक दिया। आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने उन्हें किसी तरह से बचाया। तत्काल पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई। गंभीर रूप से घायल धर्म सिंह को परिजन सीएचसी लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। 

डिबाई विधायक सीपी सिंह और एसडीएम वीके गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कई बार छुट्टा गोवंशों को गोआश्रय स्थल भिजवाने की मांग की जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। गोवंशों को गोआश्रय स्थल भिजवाने और मृतक के परिजनों को आर्थिक मदद दिलाने की मांग मांग पर विधायक ने उचित मदद का आश्वासन दिया है।

पत्नी कमलेश है दिव्यांग
धर्मसिंह की पत्नी कमलेश दिव्यांग हैं। पति की मौत के बाद से कमलेश व परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। धर्मसिंह घर का इकलौता कमाने वाला था। मौत के बाद दिव्यांग पत्नी के अलावा दो छोटी-छोटी बच्चियों के भरण पोषण की समस्या उत्पन्न हो गई है। 

एक साल में  नौ लोगों की जा चुकी जान
चार सितंबर को डिबाई में एक व्यक्ति की सांड के हमले में मौत हो गई थी। कुछ माह पूर्व पहासू थाना क्षेत्र में भी एक व्यक्ति की सांड के हमले में जान चली गई थी। गत 23 अप्रैल को औरंगाबाद थाने में घुसकर एक सांड ने उपनिरीक्षक पर जानलेवा हमला कर घायल कर दिया था। एक साल में करीब नौ लोगों की छुट्टा गोवंशों के हमले में जान जा चुकी है। 

155 गोशाला.. फिर भी छुट्टा घूम रहे गोवंश
बुलंदशहर। जनपदभर में 155 गोशालाएं हैं, जिनमें करीब 17 हजार गोवंश संरक्षित किए गए हैं। अभी भी करीब 20 हजार गोवंश शहर से लेकर गांवों तक छुट्टा घूम रहे हैं। इनमें अधिकतर संख्या बड़े सांडों की हैं। प्रशासन के पास सांडों को पकड़ने के लिए पर्याप्त साधन भी नहीं हैं। आए दिन फसल बर्बाद होने व सांडों के हमले में लोगों की जान जाने के बाद गुस्साए ग्रामीण हंगामा प्रदर्शन करते हैं, उन्हें केवल आश्वासन मिलता है।
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छुट्टा गोवंशों से निजात जल्द ही दिलाई जाएगी। बड़े गोवंश को पकड़ना मुश्किल कार्य है। इसके लिए विभाग के पास पर्याप्त साधन भी नहीं हैं। - डॉ. अनिल कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी

नियमानुसार मृतक के परिजनों को आर्थिक मदद दी जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। गोवंशों को भी गोआश्रय स्थल भिजवाने की तैयारी की जा रही है। - वीके गुप्ता, एसडीएम अनूपशहर
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