गाजियाबाद। साइबर ठगों ने एक नामी ऑटोमोबाइल कंपनी के अधिकारी संजय कुमार निवासी कविनगर से 86 लाख रुपये ठग लिए। शातिरों ने शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर उन्हें जाल में फंसाया और छह अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई। बीच में 10 लाख रुपये संजय कुमार ने निकाल लिए। इसके बाद ठगों ने चार करोड़ रुपये मुनाफे की बात कहकर 66 लाख रुपये की मांग की। वहीं, साइबर अपराधियों ने इंदिरापुरम के अहिंसाखंड निवासी राजीव सिंघल से 5.40 लाख और क्रॉसिंग रिपब्लिक की आदर्श कॉलोनी निवासी शतरंज खिलाड़ी से 64 हजार रुपये ठग लिए।
संजय कुमार ने बताया कि अप्रैल में उन्हें एक व्हाट्सएप पर ग्रुप में जोड़ा गया था जिसमें लोगों को स्टॉक, आईपीओ और म्यूचुअल फंड के बारे में जानकारी दी जा रही थी। इसके बाद उन्हें एक दूसरे ग्रुप में जोड़ा गया। जहां एक व्यक्ति ने खुद को कंपनी से बताकर कंपनी के सेबी में पंजीकृत करने को कहा। इसके बाद एफएचटी नामक एप इंस्टॉल करवाई जिसमें लॉगइन करने के बाद उनसे 15 अप्रैल से 11 मई के बीच 86 लाख रुपये निवेश कराए गए। जहां मुनाफे समेत रकम दिखाई जाने लगी।
17 मई को उन्हें उसमें से 10 लाख रुपये निकालने की अनुमति दी गई। ऐसे में उन्हें इस प्रक्रिया पर शक नहीं हुआ। शातिरों ने इसके बाद उन्हें चार करोड़ रुपये मुनाफे का झांसा दिया और 66 लाख रुपये की मांग की। ऐसे में उन्हें ठगी का एहसास हुआ। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि मामले में शातिरों ने विश्वास जीतने के लिए एप की मदद से कुछ रुपये भी दिए। पूरे मामले की जांच की जा रही है। ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
30 फीसदी मुनाफे का झांसा देकर ठगे 5.40 लाख
इंदिरापुरम के अहिंसाखंड रहने वाले राजीव कुमार सिंघल से साइबर अपराधियों ने 30 फीसदी मुनाफे का झांसा देकर 5.40 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने पहले तो उन्हें फ्रीलांस जॉब और बाद में शिकागो बोर्ड ऑप्शन एक्सचेंज में निवेश कर 30 फीसदी तक कमाई का झांसा देकर ठगी की। राजीव कुमार सिंघल का कहना है कि उन्हें पहले एक मेसेज के जरिये फ्रीलांस जॉब ऑफर किया गया। जिसमें उन्हें कुछ नामी कंपनी के व्हाट्सएप चैनलों को फॉलो करना था। टास्क पूरा करने पर उन्हें 120 रुपये दिए गए। बाद में उन्हें शिकागो के प्लान के बारे में बताया जिसमें उन्हें निवेश करने के लिए कहा गया। फिर धीरे-धीरे उनसे 5.40 लाख रुपये निवेश करा लिए और रकम नहीं लौटाई। ठगी का एहसास होने पर साइबर अपराध थाने में शिकायत की। एडीसीपी अपराध का कहना है कि ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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शतरंज खिलाड़ी से ठग ने 64 हजार ठगे
साइबर ठग ने एक एप के जरिये क्रॉसिंग रिपब्लिक की आदर्श कॉलोनी के रहने वाले शतरंज खिलाड़ी शशिकांत से दोस्ती कर 64 हजार रुपये ठग लिए। ठग ने खुद को इंग्लैंड का नागरिक बताकर क्रिप्टोकरंसी में निवेश कर मुनाफे का झांसा देकर ठगी की। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने क्रॉसिंग रिपब्लिक थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। शशिकांत का कहना है कि एक ऑनलाइन एप के जरिये उनकी दोस्ती डॉक्टर कायली वाटसन नाम के व्यक्ति से हुई थी। शुरुआत में एप पर ही दोनों के बीच बात हुई और दोनों ने नंबर भी शेयर किया। इसके बाद व्हाट्सएप पर दोनों के बीच बात होने लगी तो डॉ. वाटसन ने क्रिप्टोकरंसी में निवेश के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने पांच हजार रुपये निवेश किए। बाद में उसने सात हजार यूएस डॉलर भेजने की बात कही। बाद में करंसी बदलने के नाम पर उनसे 59 हजार रुपये ले लिए। एसीपी वेव सिटी पूनम मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।